मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की पहल से चम्पावत को बड़ी सौगात, पलायन रोकथाम हेतु ₹124.80 लाख स्वीकृत

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ₹124.80 लाख की योजनाएं स्वीकृत, स्वरोजगार व सुरक्षित खेती को मिलेगा नया आधार

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पर्वतीय एवं सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास तथा पलायन की समस्या के समाधान के लिए लगातार प्रभावी प्रयास किए जा रहे हैं।

इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (MPRY) के अंतर्गत जनपद चम्पावत के लिए ₹124.80 लाख की विभिन्न विकासपरक योजनाओं को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।

स्वीकृत परियोजनाओं की कुल लागत ₹124.80 लाख है, जिसमें ₹74.50 लाख मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना (मुख्य मद) से तथा ₹50.30 लाख कन्वर्जेंस मद के अंतर्गत व्यय किए जाएंगे।

इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन, कृषि को सशक्त बनाना तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देना है।

स्वीकृत योजनाओं के अंतर्गत जनपद के ग्राम कोटा जमराड़ी, बाजा, तलियाबांज, पाटली, नकैना, लधौनडुखड़ा, नौलापानी, बड़ोली एवं रीठा सहित विभिन्न गांवों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने हेतु 500 मौनपालन (मधुमक्खी पालन) बक्सों का वितरण किया जाएगा, जिसके लिए ₹20.00 लाख की धनराशि स्वीकृत की गई है।

इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं एवं किसानों को आय के अतिरिक्त स्रोत प्राप्त होंगे और जैविक उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

इसके साथ ही किसानों की फसलों को बंदर एवं जंगली सुअरों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए विभिन्न ग्रामों में चेन लिंक फेंसिंग का निर्माण किया जाएगा, जिसमें राजस्व ग्राम रमक (हुमार व तल्ला सेला तोक) हेतु ₹12.00 लाख, राजस्व ग्राम गुड़मांगल एवं कायल (टुंडाबिष्ट तोक) हेतु ₹12.00 लाख, राजस्व ग्राम चौड़ापिता (चौड़ा एवं थूम ग्राम) हेतु ₹12.00 लाख तथा ग्राम पंचायत दियुरी (नैकाना तोक) हेतु ₹6.00 लाख की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस पहल से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और किसानों का कृषि के प्रति विश्वास मजबूत होगा।

मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए विकासखंड चम्पावत (कोटा जमराड़ी, भजनपुर) एवं विकासखंड पाटी (बमौर, गागरी, भंडारी मछियाड़) में 05-05 नए मत्स्य तालाबों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए ₹12.50 लाख स्वीकृत किए गए हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय के नए स्रोत विकसित होंगे और आजीविका के विकल्पों में वृद्धि होगी।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि इन पहलों से न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे, बल्कि सुरक्षित खेती एवं स्वरोजगार के माध्यम से ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने में सहायता मिलेगी और पलायन की प्रवृत्ति में कमी आएगी।

इन योजनाओं के माध्यम से चम्पावत जनपद में समावेशी विकास को नई गति मिलेगी तथा सीमांत क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा, जो “स्थानीय सशक्तिकरण और पलायन नियंत्रण” के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

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