चम्पावत ,
*वन भूमि हस्तांतरण के लंबित प्रस्तावों का शीघ्र निस्तारण करें अधिकारी: जिलाधिकारी**विकास योजनाओं से जुड़े प्रस्तावों में अनावश्यक विलंब पर जताई नाराजगी, आगामी समीक्षा से पूर्व शत-प्रतिशत निस्तारण के निर्देश*जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को वन भूमि हस्तांतरण प्रस्तावों की प्रगति की समीक्षा हेतु बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद में विभिन्न विकास कार्यों एवं जनहित से जुड़ी परियोजनाओं के लिए वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की गई।बैठक में लोक निर्माण विभाग चम्पावत एवं लोहाघाट, पीएमजीएसवाई, जल संस्थान, ग्रामीण निर्माण विभाग, पेयजल निगम सहित विभिन्न विभागों के लंबित प्रस्तावों की प्रगति की गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने नोडल स्तर अथवा अन्य स्तर पर विचाराधीन प्रकरणों में आवश्यक कार्यवाही तेजी से पूर्ण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उच्च स्तर पर निरंतर समन्वय एवं प्रभावी संपर्क स्थापित करते हुए सभी लंबित प्रकरणों का शीघ्र एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं से जुड़े किसी भी प्रस्ताव को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए, ताकि योजनाओं का लाभ आमजन को समय पर मिल सके।जिलाधिकारी ने सशस्त्र सीमा बल की सीमा चौकी के विस्तार के लिए प्रस्तावित भूमि के संबंध में हल्द्वानी वन प्रभाग को आवश्यक अग्रिम कार्यवाही के निर्देश दिए। वहीं, एआरटीओ को प्रस्तावित ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक हेतु भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में आवश्यक कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने सभी संबंधित विभागों को आगामी समीक्षा बैठक से पूर्व अपने-अपने स्तर पर लंबित प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित एवं जनपद के सुनियोजित विकास से जुड़े मामलों में समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जाए तथा किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब न होने दिया जाए।बैठक में डीएफओ श्री ढिनो पुरुषोत्तमन, मुख्य विकास अधिकारी श्री जीएस खाती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री देवेंद्र पटवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता श्री हितेश कांडपाल, अधिशासी अभियंता श्री मोहन चन्द्र पलड़िया, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चम्पावत श्री भारत त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
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