चम्पावत। चम्पावत से एक बड़ी और सकारात्मक खबर… मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘आदर्श चम्पावत’ को साकार करने की दिशा में गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना को अब नई रफ्तार मिल गई है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधुनिक सुविधाओं के विकास का रास्ता साफ हो गया है।
चम्पावत जनपद में बहुप्रतीक्षित गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना को बड़ा प्रशासनिक समर्थन मिला है। जनसुविधाओं के विकास के लिए ग्राम चम्पावत में लोक निर्माण विभाग की 0.355 हेक्टेयर भूमि पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। यह निर्णय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की आदर्श चम्पावत की परिकल्पना को धरातल पर उतारने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि शासन और लोक निर्माण विभाग से प्राप्त स्वीकृतियों के क्रम में यह भूमि गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना के अंतर्गत श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवश्यक आधारभूत सुविधाओं के निर्माण हेतु उपलब्ध कराई जाएगी। प्रस्तावित सुविधाओं में पर्यटक सुविधाएं, विश्राम स्थल, सुगम आवागमन व्यवस्था और अन्य आवश्यक जनोपयोगी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।
प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना के साकार होने से चम्पावत के धार्मिक और पर्यटन महत्व को नई पहचान मिलेगी। साथ ही स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
जिलाधिकारी मनीष कुमार
“गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना चम्पावत के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। भूमि हस्तांतरण से संबंधित सभी कार्य शासन की निर्धारित शर्तों के अनुरूप किए जाएंगे तथा इसका उपयोग केवल जनसुविधाओं के विकास के लिए किया जाएगा।”
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में प्रशासन चम्पावत को धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना न केवल श्रद्धालुओं की आस्था को नई सुविधाओं से जोड़ेगी, बल्कि चम्पावत को प्रदेश के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में स्थापित करने की दिशा में भी मील का पत्थर साबित होगी। फिलहाल गोल्ज्यू कॉरिडोर परियोजना को मिली यह नई गति चम्पावत के विकास की तस्वीर बदलने की ओर एक और मजबूत कदम मानी जा रही है।

