आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए चम्पावत में 35.62 लाख रूपये के आधुनिक उपकरण रेस्क्यू टीम को उपलब्ध कराये जाएंगे*

चम्पावत,

*आपदा प्रबंधन को सुदृढ़ करने के लिए चम्पावत में 35.62 लाख रूपये के आधुनिक उपकरण रेस्क्यू टीम को उपलब्ध कराये जाएंगे*

*त्वरित राहत एवं बचाव कार्यों के लिए एसडीआरएफ, फायर एवं पुलिस कार्मिकों को मिलेंगे आवश्यक संसाधन**दुर्गम क्षेत्रों में रेस्क्यू ऑपरेशन को मिलेगी मजबूती, जन-धन की सुरक्षा पर विशेष जोर*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा निर्देशों आपदा के दौरान त्वरित सुरक्षा, राहत एवं बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने तथा आपदा जोखिम को न्यूनतम करने के के क्रम में जनपद चम्पावत में आपदा प्रबंधन एवं राहत-बचाव व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशों के क्रम में जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा एसडीआरएफ, फायर एवं पुलिस कार्मिकों के लिए 35 लाख 62 हजार रूपये की लागत से आधुनिक आपदा राहत एवं बचाव उपकरण क्रय किए जाएंगे।क्रय किए जाने वाले प्रमुख उपकरणों में लैंप युक्त हेलमेट, वर्षा सुरक्षा पोन्चो, 40 मीटर रस्सी सहित कम-अलॉन्ग, हार्ड फाइबर स्ट्रेचर, रिमोट एरिया लाइट, सर्च लाइट, 100 मीटर फ्लोटिंग एवं बहुउद्देशीय रस्सी, वुड कटर, रोटरी रेस्क्यू आरी, पोल प्रूनर, बैटरी चालित ग्राइंडर तथा पोर्टेबल ऑटोमैटिक पेट्रोल जनरेटर शामिल हैं।इन उपकरणों की उपलब्धता से बाढ़, भूस्खलन, अतिवृष्टि, सड़क दुर्घटना, पेड़ गिरने, भवन क्षति एवं अन्य आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को तेजी से संचालित करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से जनपद के दुर्गम एवं दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में रेस्क्यू टीमों को मौके पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध होने से प्रभावित एवं फंसे हुए लोगों तक शीघ्र पहुंचने तथा उन्हें सुरक्षित निकालने में सुविधा होगी।आपदा की स्थिति में सड़क मार्ग अवरुद्ध होने, पेड़ अथवा अन्य संरचनाएं गिरने तथा विद्युत आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियों में भी इन उपकरणों का प्रभावी उपयोग किया जा सकेगा। इससे रेस्क्यू टीमों की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता बढ़ेगी और कम समय में अधिक प्रभावी राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित किए जा सकेंगे।जिलाधिकारी ने कहा कि आपदा के समय प्रत्येक मिनट महत्वपूर्ण होता है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि राहत एवं बचाव कार्यों में लगे कार्मिकों को आवश्यक संसाधन एवं आधुनिक उपकरण समय से उपलब्ध रहें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में बिना समय गंवाए प्रभावी कार्रवाई की जा सके।उन्होंने कहा कि आपदा से पहले बेहतर तैयारी ही आपदा के प्रभाव को कम करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। आधुनिक उपकरणों की उपलब्धता से जनपद की आपदा प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत होगी तथा मानव जीवन की सुरक्षा, त्वरित रेस्क्यू और राहत कार्यों के संचालन के साथ-साथ जन-धन की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

kamal bhandari editor in chief ।

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