टीबी मुक्त भारत अभियान को जनआंदोलन बनाएं, हर संभावित मरीज की समय पर जांच और उपचार सुनिश्चित करें : जिलाधिकारी*

चम्पावत

*भारत सरकार के राष्ट्रीय मिशन “टीबी मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत 100 दिवसीय विशेष अभियान की समीक्षा, जनसहभागिता एवं जागरूकता पर विशेष जोर*भारत सरकार के महत्त्वाकांक्षी राष्ट्रीय मिशन “टीबी मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत संचालित 100 दिवसीय विशेष टीबी अभियान की समीक्षा हेतु सोमवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य जनसहभागिता को बढ़ावा देते हुए टीबी की समय पर पहचान, प्रभावी उपचार तथा टीबी मुक्त भारत के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति के लिए जनपद में अभियान को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।बैठक में जनपद में चल रहे टीबी उन्मूलन कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। विशेष रूप से टीबी मरीजों के एनरोलमेंट, एक्स-रे स्क्रीनिंग तथा लक्ष्य प्राप्ति की स्थिति पर चर्चा करते हुए अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी ने माई भारत (MY Bharat) वॉलंटियर्स की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने, निक्षय पोषण किट के लिए अधिक से अधिक जनसहयोग जुटाने तथा सामाजिक सहभागिता बढ़ाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने एनसीसी एवं एनएसएस स्वयंसेवकों के माध्यम से विद्यालयों, महाविद्यालयों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक टीबी जागरूकता अभियान संचालित करने के निर्देश दिए, ताकि लोगों को टीबी के लक्षण, समय पर जांच, नियमित उपचार तथा बीमारी से जुड़ी भ्रांतियों के प्रति जागरूक किया जा सके।बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सहभागिता से सफल होने वाला जनआंदोलन है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के प्रत्येक लक्ष्य को समयबद्ध रूप से पूरा करते हुए संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान, जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जाए।बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन समय पर जांच एवं नियमित उपचार से इसे पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि मरीज लगातार दो सप्ताह तक नियमित रूप से दवा का सेवन करता है, तो संक्रमण फैलने का खतरा समाप्त हो जाता है और अन्य लोग भी इस बीमारी की चपेट में आने से बच जाते हैं।उन्होंने बताया कि अभियान के अंतर्गत जनपद में 14 वर्ष से अधिक आयु की संवेदनशील आबादी की व्यापक स्क्रीनिंग की जा रही है। जांच में टीबी से संक्रमित पाए जाने वाले मरीजों का तत्काल उपचार प्रारंभ किया जा रहा है। साथ ही उनके परिवारजनों एवं निकट संपर्क में आए लोगों की भी स्वास्थ्य जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमें गांव-गांव जाकर शिविरों के माध्यम से निःशुल्क जांच, परामर्श एवं उपचार सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।बैठक में जिलाधिकारी ने आमजन से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक लगातार खांसी, बुखार, वजन कम होना अथवा अन्य लक्षण दिखाई दें तो बिना संकोच निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर जांच कराएं। टीबी पूरी तरह उपचार योग्य बीमारी है और समय पर उपचार से इसे आसानी से हराया जा सकता है।बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. बलबीर सिंह, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. इंद्रजीत पाण्डेय, एनसीसी कमांडेंट नरेंद्र सिंह, कमांडेंट नुमन थापा, जिला चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. सोनाली मंडल, डॉ. भावना खेतवाल तथा डिस्ट्रिक्ट प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर प्रियंका पंत सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

kamal bhandari editor in chief ।

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