चंपावत में पहली बार दिख रही त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई, डीएम मनीष कुमार ने बच्ची की फीस समस्या का मौके पर कराया समाधान
चंपावत: जनपद चंपावत में जिलाधिकारी की कुर्सी अब केवल प्रशासनिक दफ्तर तक सीमित नहीं दिख रही, बल्कि आम जनता की उम्मीदों का केंद्र बनती जा रही है। जिलाधिकारी मनीष कुमार का नारा “आज समस्या, आज निदान” अब धरातल पर सफल होता नजर आ रहा है। जिलेभर से लोग अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं और उन्हें त्वरित राहत भी मिल रही है।
शुक्रवार को भी बड़ी संख्या में लोग अपनी विभिन्न समस्याएं लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। इनमें रास्तों की समस्याएं, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, स्कूलों से जुड़े मुद्दे तथा दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में बरसात के दौरान आने वाली परेशानियां प्रमुख रहीं। जिलाधिकारी ने प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया।
लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा मामला सामने आया जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। चंपावत की एक बालिका उच्च शिक्षा के लिए फीस की व्यवस्था न होने से परेशान थी। बैंक लोन की प्रक्रिया कागजी कमियों के कारण अटक गई थी। मामला जिलाधिकारी के सामने पहुंचा तो उन्होंने इसे केवल एक फाइल नहीं, बल्कि एक बच्ची के भविष्य का सवाल समझा।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने तत्काल संबंधित विभागों के अधिकारियों को मौके पर बुलाया, आवश्यक कमियों को दूर करने के निर्देश दिए और स्वयं अपने हाथों से आवेदन लिखकर बालिका की मदद सुनिश्चित कराई। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से परिवार भावुक हो उठा और जिलाधिकारी की कार्यशैली की खुले दिल से सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
जनपद में अब चर्चा है कि लंबे समय बाद ऐसा प्रशासनिक नेतृत्व देखने को मिल रहा है जो जनता की पीड़ा को समझते हुए तत्काल निर्णय लेकर समाधान की दिशा में काम कर रहा है। लोगों का कहना है कि “आज समस्या, आज निदान” अब केवल नारा नहीं, बल्कि चंपावत में बदलती कार्यसंस्कृति की पहचान बनता जा रहा है।
“आज समस्या, आज निदान” बना जनता का भरोसा — जिलाधिकारी मनीष कुमार की कार्यशैली से लोगों में नई उम्मीद

