चम्पावत,
*चम्पावत के नेटवर्क विहीन क्षेत्रों में स्थापित होगा वायरलेस नेटवर्क, आपदा प्रबंधन तंत्र होगा सुदृढ़*
*मा.मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप प्रथम चरण में विद्यालय, चिकित्सालय, आंगनबाड़ी केंद्र, ग्राम पंचायत, सीएचसी, पुलिस व पटवारी चौकियां होंगी कनेक्ट**4.97 करोड़ रुपये की परियोजना पर तेजी से चल रहा कार्य, सितम्बर में पूर्ण करने का लक्ष्य*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के अनुरूप जनपद चम्पावत के दूरस्थ एवं नेटवर्क विहीन क्षेत्रों को आधुनिक संचार सुविधा से जोड़ने के लिए 4.97 करोड़ रूपये की वायरलेस नेटवर्क परियोजना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। परियोजना का उद्देश्य आपदा के दौरान सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान, प्रभावी मॉनिटरिंग तथा राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना है।परियोजना के अंतर्गत मंच, बुड़म, ककनई एवं डांडा गांव सहित प्रमुख नेटवर्क विहीन क्षेत्रों को टनकपुर से Point-to-Point (P2P) वायरलेस कनेक्टिविटी के माध्यम से जोड़ा जाएगा। प्रथम चरण में इन क्षेत्रों के विद्यालयों, चिकित्सालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, ग्राम पंचायतों, सीएचसी, पुलिस एवं पटवारी चौकियों को नेटवर्क से जोड़ा जाना प्रस्तावित है।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा इसे यथासंभव सितम्बर माह में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विश्वसनीय संचार सुविधा उपलब्ध होने से आपदा की स्थिति में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य एवं अन्य संबंधित विभागों के बीच त्वरित समन्वय स्थापित होगा और रिस्पांस टाइम बेहतर होगा।परियोजना के लिए सेंट्रल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (CEL) को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है तथा धनराशि राज्य आपदा मोचन निधि के क्षमता विकास मद से स्वीकृत की गई है। परियोजना के पूर्ण होने से आपदा प्रबंधन तंत्र सुदृढ़ होने के साथ दूरस्थ क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं और निगरानी व्यवस्था के विस्तार को भी गति मिलेगी।
kamal bhandari editor in chief ।

