जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया कीवी महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ*

चम्पावत

*जिलाधिकारी मनीष कुमार ने किया कीवी महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ*

*किसानों की आय बढ़ाने के लिए कीवी उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देने पर जोर**बागवानी से गांवों में स्वरोजगार और रिवर्स पलायन की संभावनाओं को मिलेगा बल**पांच जनपदों के प्रगतिशील किसानों ने साझा किए अनुभव, विशेषज्ञों ने दिया तकनीकी मार्गदर्शन**कीवी महोत्सव में स्थानीय उत्पादों के 9 स्टॉल बने आकर्षण, जिलाधिकारी ने उत्कृष्ट कीवी उत्पादकों को किया सम्मानित*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने तथा गांवों में स्वरोजगार के अवसर विकसित कर रिवर्स पलायन को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय परिसर में कीवी महोत्सव एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार एवं विशिष्ट अतिथि दर्जा राज्य मंत्री श्री रामपाल सिंह ने दीप प्रज्वलित कर किया। महोत्सव में कीवी उत्पादन के विस्तार के साथ ही पैकेजिंग, ब्रांडिंग, विपणन एवं मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा हुई।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य की दिशा में कृषि एवं बागवानी में नवाचार को प्रोत्साहित किया जा रहा है। चम्पावत की जलवायु कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल है। उन्होंने महोत्सव की सराहना करते हुए किसानों से विशेषज्ञों एवं अनुभवी उत्पादकों से व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर उसे अपने बागानों में अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्पादन के साथ गुणवत्ता, उचित पैकेजिंग और बाजार से जुड़ाव पर ध्यान देने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में जिला योजना के अंतर्गत लगभग दो करोड़ रुपये की धनराशि से इस वर्ष करीब 24 एकड़ क्षेत्र में कीवी उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने किसानों से कीवी के साथ सेब, मौनपालन एवं अन्य बागवानी गतिविधियों को भी अपनाने की अपील की, जिससे आय के अतिरिक्त अवसर विकसित हो सकें।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि चम्पावत की भौगोलिक परिस्थितियां एवं जलवायु कीवी उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। बेहतर आय की संभावनाओं और जंगली जानवरों से अपेक्षाकृत कम नुकसान के कारण कीवी की खेती पर्वतीय किसानों के लिए पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आय का उपयोगी साधन बन सकती है। उन्होंने कहा कि जनपद को कीवी उत्पादन के हब के रूप में विकसित करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य करते हुए किसानों को प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग एवं विभागीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।दर्जा राज्य मंत्री श्री रामपाल सिंह ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में किसानों की आय बढ़ाने एवं बागवानी के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में लाभकारी कृषि और बागवानी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ते हैं तथा रिवर्स पलायन को प्रोत्साहन मिलता है। उन्होंने कीवी महोत्सव को किसानों के अनुभवों और तकनीकी जानकारी को साझा करने का उपयोगी मंच बताया।इस दौरान जिलाधिकारी ने नैनीताल, अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़ एवं चम्पावत से आए प्रगतिशील किसानों के स्टॉलों का निरीक्षण कर प्रदर्शित कीवी का अवलोकन किया। उन्होंने किसानों से उत्पादन, बागान प्रबंधन एवं विपणन में आ रही समस्याओं की जानकारी ली और उद्यान अधिकारी को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।प्रशिक्षण कार्यक्रम में ‘कीवी मैन’ के रूप में परिचित प्रगतिशील उत्पादक श्री भवान सिंह कोरंगा ने कीवी की खेती से जुड़ी व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी साझा की। एपीडा के प्रबंधक श्री विशाल सैनी ने चम्पावत में फलों के निर्यात की संभावनाओं तथा कृषि विज्ञान केंद्र, लोहाघाट के श्री अविकल कुमार ने जनपद में औद्यानिकी की संभावनाओं पर जानकारी दी। प्रगतिशील कृषक श्री कमल गिरी ने बागवानी को पर्यटन से जोड़ने के विषय पर अपने अनुभव साझा किए।नर्सरी डेवलपमेंट अधिकारी सुश्री दीपिका शर्मा ने फसलों में मृदा एवं जल प्रबंधन, उद्यान निरीक्षक श्री आशीष रंजन ने जनपद की कीवी यात्रा एवं भविष्य की संभावनाओं तथा उद्यान निरीक्षक श्री प्रदीप पचौली ने पर्वतीय बागवानी में सूक्ष्म सिंचाई के महत्व पर तकनीकी मार्गदर्शन दिया। श्री दिनेश बिष्ट ने कीवी एवं अन्य फलों के प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन की जानकारी दी। प्रगतिशील शहद उत्पादक श्री हरीश जोशी ने जनपद में मौनपालन की संभावनाओं एवं महत्व से किसानों को अवगत कराया।महोत्सव में विभिन्न जनपदों से आए किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और विशेषज्ञों के साथ संवाद कर खेती-बागवानी से जुड़े प्रश्नों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया।*कीवी महोत्सव में कीवी एवं अन्य स्थानीय उत्पादों के कुल 9 स्टॉल लगाए गए, जहां लोगों ने उत्पादों की जानकारी लेने के साथ खरीदारी भी की। महोत्सव के दौरान 250 से 300 रूपये प्रति किलोग्राम की दर से लगभग 40 हजार रूपये की कीवी की बिक्री हुई। कीवी उत्पादन एवं बागवानी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर प्रथम स्थान प्राप्त श्री मनोज कोरंगा, द्वितीय स्थान प्राप्त श्री रमेश चन्द्र खर्कवाल तथा तृतीय स्थान प्राप्त श्री पीताम्बर गहतोड़ी को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार द्वारा प्रमाण पत्र एवं शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया।*इस अवसर पर भाजपा जिलाध्यक्ष श्री गोविन्द सामंत, जिला महामंत्री श्री मुकेश कलखुड़िया, पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नरेश करायत, मुख्य विकास अधिकारी श्री अजय सिंह, जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट, नर्सरी डेवलपमेंट अधिकारी सुश्री दीपिका शर्मा सहित संबंधित अधिकारी एवं प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।

kamal bhandari editor in chief

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