चम्पावत
*चंपावत जनपद में ‘राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान-5’ का हुआ शुभारंभ, वरिष्ठ कोषाधिकारी ने पेंशनर्स की सुविधा के लिए जारी किए निर्देश .*
निदेशालय, कोषागार पेंशन एवं हकदारी, उत्तराखंड, देहरादून के निर्देशों के क्रम में जनपद चंपावत में दिनांक 01 नवंबर 2026 से 30 नवंबर 2026 तक “राष्ट्रव्यापी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र अभियान-5” का संचालन शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में वरिष्ठ कोषाधिकारी चंपावत श्री मयंक सक्सेना ने जानकारी देते हुए बताया कि कोषागार एवं उप-कोषागारों के अंतर्गत आने वाले समस्त पेंशनभोगियों को इस अभियान का शत-प्रतिशत लाभ मिलना सुनिश्चित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत पेंशनभोगियों को अपने मोबाइल फोन से ‘Face Authentication’ तकनीक का उपयोग कर घर बैठे डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (DLC) जमा करने हेतु प्रेरित व जागरूक किया जा रहा है, जिससे उन्हें अनावश्यक भागदौड़ न करनी पड़े।इसके साथ ही वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि वृद्ध एवं लाचार पेंशनभोगियों की सुविधा के लिए अपने-अपने क्षेत्र के प्रमुख बैंकों, डाकघरों और जनसेवा केंद्रों (CSC) से समन्वय स्थापित कर विशेष शिविर आयोजित करवाए जा रहे हैं, ताकि किसी भी पात्र पेंशनर्स को असुविधा का सामना न करना पड़े। अभियान के तहत जो पेंशनभोगी शारीरिक रूप से असमर्थ, वृद्ध हैं एवं 80 वर्ष से अधिक आयु या 60 से 80 वर्ष के बीच की आयु के हैं, उनके घर जाकर वीडियोग्राफ व पिक्चर लेते हुए डीएलसी सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, उप-कोषागारों को प्रत्येक शनिवार को अनिवार्य रूप से जिला कोषागार कार्यालय को प्रगति रिपोर्ट प्रेषित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।*आमजन और पेंशनर्स की सुविधा के लिए माह नवंबर 2026 में विभिन्न उप-कोषागारों में पेंशनर्स जागरूकता शिविरों की तिथियां भी निर्धारित की गई हैं, जिसके तहत 04 नवंबर 2026 को उप-कोषागार पाटी, 16 नवंबर 2026 को उप-कोषागार लोहाघाट, 23 नवंबर 2026 को उप-कोषागार टनकपुर और 27 नवंबर 2026 को कोषागार चंपावत में शिविर आयोजित किए जाएंगे*। वरिष्ठ कोषाधिकारी ने बताया कि यह कार्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है, अतः इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता क्षम्य नहीं होगी। पेंशनर्स अपनी सुविधा के लिए आधिकारिक लिंक https://jeevanpraman.gov.in का उपयोग कर सकते हैं तथा किसी भी प्रकार की समस्या या शिकायत होने पर शिकायत निवारण अधिकारी एवं सहायक कोषाधिकारी श्री गौरव कुमार भारती से संपर्क कर सकते हैं।
Kamal bhandari editor in chief.

