चंपावत
*मा मुख्यमंत्री धामी के ‘सशक्त और आत्मनिर्भर महिला’ के संकल्प को साकार कर रहीं चम्पावत की समूह महिलाएं*
*हस्तनिर्मित राखियों से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं समूह महिलाएं**उन्नति संघ की समूह महिलाओं ने ₹35 हजार की राखियां बेचीं, लोहाघाट में ₹15 हजार से अधिक की बिक्री* प्रदेश के मा0 मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के ‘सशक्त महिला, समृद्ध उत्तराखंड’ और ‘आत्मनिर्भर महिला’ की दूरदर्शी सोच को धरातल पर उतारते हुए चम्पावत जिले के महिला स्वयं सहायता समूह आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश कर रहे हैं। रक्षाबंधन पर्व के अवसर पर उन्नति संकुल संघ और लोहाघाट क्षेत्र की समूह महिलाओं द्वारा तैयार की जा रही अत्यंत सुंदर, कलात्मक और आकर्षक हस्तनिर्मित राखियां स्थानीय बाजार में आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।राज्य सरकार के मार्गदर्शन में संचालित राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) एवं ग्रामोत्थान परियोजना के तकनीकी सहयोग, प्रोत्साहन तथा कुशल मार्गदर्शन से महिलाओं के इस हुनर को एक बड़ा बाजार मंच प्राप्त हुआ है। महिलाएं न केवल समूहों की नियमित बैठकों में बल्कि जनपद के प्रमुख स्थलों पर स्टॉल लगाकर इन राखियों का व्यापक विपणन कर रही हैं।लोहाघाट क्षेत्र में बजरंगबली समूह, श्री राम समूह और सिद्ध बाबा समूह की मातृशक्ति इस स्वरोजगार पहल से सीधे जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। वर्तमान बिक्री आंकड़ों के अनुसार उन्नति संकुल संघ की महिलाओं ने लगभग ₹35,000 की राखियां बेची हैं, वहीं लोहाघाट क्षेत्र में ₹15,000 से अधिक का सफल व्यवसाय दर्ज किया गया है।मा0 मुख्यमंत्री के *वोकल फॉर लोकल* और महिला उद्यमिता प्रोत्साहन के मूलमंत्र को चरितार्थ करती यह पहल स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान कर रही है। घर की चौखट से निकलकर अपने हुनर के बल पर अतिरिक्त आय अर्जित कर रहीं ये महिलाएं आज जनपद और पूरे प्रदेश के लिए स्वावलंबन तथा नारी सशक्तिकरण का एक उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभर रही हैं।
Kamal bhandari editor in chief ।

