राइका भिंगराड़ा में गूंजा ‘मेरे सपनों का भारत’
सेवा संकल्प अभियान में छात्र-छात्राओं ने चित्रकला, भाषण, रंगोली और स्वच्छता गतिविधियों से दिया राष्ट्रसेवा का संदेशभिंगराड़ा, 28 सितंबर 2026।राजकीय इंटर कॉलेज राइका भिंगराड़ा में ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत ‘मेरे सपनों का भारत’ एवं ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ विषयों पर विभिन्न रचनात्मक एवं प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन किया।अभियान के तहत आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरा। बच्चों ने स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, आधुनिक तकनीक, आत्मनिर्भरता तथा वर्ष 2047 तक विकसित भारत की अपनी कल्पना को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। नन्हे कलाकारों की रचनात्मकता और देश के उज्ज्वल भविष्य को लेकर उनकी सोच ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।वहीं भाषण प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रप्रेम, सामाजिक जिम्मेदारियों, पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सशक्त एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। विद्यार्थियों ने अपने भाषणों के माध्यम से देश के विकास में युवाओं की भूमिका और जिम्मेदारी पर भी प्रकाश डाला।कार्यक्रम के दौरान रंगोली एवं स्वच्छता अभियान भी आयोजित किया गया। विद्यार्थियों ने आकर्षक रंगोलियां बनाकर ‘सेवा के रंग, राष्ट्र के संग’ का संदेश दिया। इसके साथ ही विद्यालय परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में सिंगल यूज प्लास्टिक एकत्र कर स्वच्छता का संदेश दिया गया। बच्चों ने लोगों को स्वच्छ पर्यावरण और प्लास्टिक मुक्त समाज के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया।विद्यालय में आयोजित इन गतिविधियों का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, सेवा भावना, राष्ट्रीय गौरव, सामाजिक सरोकार तथा विकसित भारत के प्रति जागरूकता पैदा करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को विशेष रूप से जीवंत बना दिया।‘मेरे सपनों का भारत’ विषय पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत विचारों और कलाकृतियों में देश के उज्ज्वल, स्वच्छ, आत्मनिर्भर और विकसित भविष्य की झलक देखने को मिली। सेवा संकल्प अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवाओं की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है।
kamal bhandari editor in chief ।

