चंपावत:
जिला अस्पताल चंपावत में गर्भवती महिलाओं की जांच को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि जांच रिपोर्ट में गलत तरीके से संक्रमण (इंफेक्शन) बताया जा रहा है, जिससे मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जानकारी के अनुसार, कई मामलों में अस्पताल की रिपोर्ट में संक्रमण बताया गया, जबकि बाहर निजी लैब में कराई गई जांच में रिपोर्ट सामान्य (निगेटिव) पाई गई। इससे मरीजों को दोबारा जांच कराने में 600 से 800 रुपये तक अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि अस्पताल में रोजाना 500-600 ओपीडी होती है, जिनमें 60 से अधिक गर्भवती महिलाएं शामिल रहती हैं। इनमें से कई महिलाओं की जांच रिपोर्ट में संक्रमण दिखाया जा रहा है।
एक मामले में जिला अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी की पुत्री की जांच में भी संक्रमण बताया गया, लेकिन बाहर जांच कराने पर रिपोर्ट सामान्य आई। वहीं, एक 35 वर्षीय महिला के मामले में भी अस्पताल और बाहरी जांच रिपोर्ट में अंतर पाया गया।
इस पूरे मामले पर जिला अस्पताल के सीएमएस एचएस बांकी ने कहा,
“इस मामले में हम कोई कार्रवाई नहीं करेंगे। इस मामले में उन्हें सूचित किया जाएगा। अगर कोई गलत रिपोर्ट उपलब्ध होगी, तो उसे देखा जाएगा।”
वहीं, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा,
“गंभीर मामला है, सीएमएस से इस बारे में जानकारी लेंगे। लिखित कोई शिकायत आती है तो उसकी जांच कराने के बाद ही किसी भी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।”

