उत्तराखंड राज्य जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने 13 सूत्रीय मांगों को लेकर भरी हुंकार

  • मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नाराबेज करते हुए जताया विरोध
  • जल्द सुनवाई न होने पर प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन की चेतावनी

    चंपावत। जिला मुख्यालय मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर उत्तराखंड राज्य जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। जल्द मांगों पर सुनवाई न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।
    सोमवार को हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश देव के नेतृत्व में जिलेभर से आए ही शिक्षाओं ने मुख्य शिक्षा अधिकारी कार्यालय के बाहर सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। साथ ही जल्द मांगों को पूरा करने की आवाज उठाई। शिक्षकों का कहना है कि वह बीते कई वर्षों से अपनी मांगों को उठा रहे हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उनकी प्रमुख मांग वर्ष 2010 से पहले भर्ती हुई शिक्षकों को टीटी परीक्षा से मुक्त करना, जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों को समान कार्य समान वेतन की श्रेणी में शामिल करने, प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापकों को पूर्ण सेवाकाल में तीन पदोन्नति देने, जूनियर हाईस्कूल में पांचवां पद अंग्रेजी विषय अनिवार्य किए जाने, पुरानी पेंशन बहाल करने, स्वास्थ्य प्राधिकरण के तहत शिक्षकों को निःशुल्क चिकित्सा सुविधा प्रदान करने, वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के लिए संकुल स्तर पर 75 हजार, विकासखंड स्तर पर डेढ़ लाख रुपए जबकि जनपद स्तर पर तीन लाख रुपए दिए जाने, सीपीएड शिक्षकों को एलटी व्यापम के पदों पर नियुक्त करने और 5400 ग्रेड वेतन प्राप्त करने वाले शिक्षकों को राजपत्रित अधिकारी घोषित करने सहित अन्य मांगों को प्रमुखता से उठाया। जिसके बाद शिक्षकों ने डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री ज्ञापन भेजा। कहा कि जल्द सुनवाई नहीं होती है सभी शिक्षक उग्र आंदोलन करेंगे। इस दौरान प्रदर्शन करने वालों में जगदीश तड़ागी, पुष्कर नाथ गोस्वामी, देवेंद्र देव, सुभाष चंद्र, कृष्णकुमार चौबे, हर्ष प्रदीप टम्टा, पान सिंह अधिकारी, रमेश कुमार, तिलोक राम सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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