“जूट से जुड़ेगा रोजगार! चम्पावत में महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की बड़ी पहल”

चम्पावत। चम्पावत से आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। भारतीय स्टेट बैंक ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान यानी एसबीआई आरसेटी में 14 दिवसीय जूट उत्पाद निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हो गया है। इस प्रशिक्षण के जरिए ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को जूट से उपयोगी और आकर्षक उत्पाद बनाकर रोजगार से जोड़ने की तैयारी की जा रही है।

चम्पावत स्थित एसबीआई आरसेटी परिसर में मंगलवार को 14 दिवसीय ‘जूट उत्पाद निर्माण’ प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला लीड बैंक प्रबंधक अमर सिंह ग्वाल और आरसेटी निदेशक प्रांशु मैठाणी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

इस मौके पर जिला लीड बैंक प्रबंधक अमर सिंह ग्वाल ने कहा कि आज के समय में पर्यावरण अनुकूल जूट उत्पादों की बाजार में तेजी से मांग बढ़ रही है। ऐसे में यह प्रशिक्षण ग्रामीण युवाओं और महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने और खुद का व्यवसाय शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।

अमर सिंह ग्वाल, जिला लीड बैंक प्रबंधक:
“जूट उत्पादों की बढ़ती मांग को देखते हुए यह प्रशिक्षण ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बनेगा। इससे लोग आत्मनिर्भर बन सकेंगे।”

आरसेटी निदेशक प्रांशु मैठाणी ने बताया कि यह 14 दिवसीय प्रशिक्षण पूरी तरह निःशुल्क है। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जूट के बैग, सजावटी सामान, घरेलू उपयोग की वस्तुएं और अन्य हस्तशिल्प उत्पाद बनाने की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही उत्पादों की मार्केटिंग, बैंकिंग प्रक्रियाओं और स्वरोजगार शुरू करने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।

कार्यक्रम की शुरुआत में फैकल्टी प्रकाश जोशी द्वारा प्रतिभागियों का रजिस्ट्रेशन और कौशल पंजीकरण कराया गया। प्रशिक्षण शिविर में जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों से आए प्रतिभागी पूरे उत्साह के साथ शामिल हो रहे हैं।

कुल मिलाकर, चम्पावत में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं और युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने की दिशा में एक मजबूत कदम माना जा रहा है। यदि प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागी अपने उत्पादों को बाजार से जोड़ने में सफल होते हैं, तो यह पहल स्थानीय स्वरोजगार मॉडल के रूप में भी उभर सकती है।

“चम्पावत में जूट से रोजगार की नई राह”
“SBI RSETI का 14 दिवसीय मुफ्त प्रशिक्षण शुरू”
“ग्रामीण महिलाएं और युवा बनेंगे आत्मनिर्भर”
“जूट बैग और हस्तशिल्प निर्माण की मिलेगी ट्रेनिंग”

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