चम्पावत,
उत्तराखण्ड शासन की अधिसूचना के क्रम में प्रख्यापित “उत्तराखण्ड राज्य के पर्वतीय क्षेत्रों में स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति, 2026” के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु जनपद चम्पावत में जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति का गठन कर दिया गया है।समिति के अध्यक्ष कलेक्टर/जिला उप संचालक चकबन्दी, चम्पावत होंगे। समिति में पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी, प्रभागीय वनाधिकारी, अपर कलेक्टर, समस्त परगनाधिकारी/बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी, मुख्य कृषि अधिकारी, मुख्य उद्यान अधिकारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, मत्स्य पालन विभाग, सहकारिता विभाग, सिंचाई एवं लघु सिंचाई विभाग के अधिकारी, विषय विशेषज्ञ तथा किसान प्रतिनिधियों सहित अन्य सदस्य शामिल किए गए हैं।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया कि गठित समिति जनपद में स्वैच्छिक एवं आंशिक चकबंदी नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रगति की नियमित समीक्षा तथा आवश्यकतानुसार नीति के बेहतर संचालन के लिए सुझाव उपलब्ध कराएगी।समिति की बैठक प्रत्येक माह आयोजित की जाएगी, जिसमें निर्धारित लक्ष्यों एवं कार्यों की समीक्षा की जाएगी।उन्होंने बताया कि जनपद के समस्त परगनाधिकारी/बन्दोबस्त अधिकारी चकबन्दी अपनी-अपनी तहसीलों में खातेदारों को विश्वास में लेते हुए स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी के लिए कम से कम दो ग्रामों का चयन करेंगे। चयनित ग्राम विवाद रहित होंगे तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप न्यूनतम भूमि क्षेत्रफल एवं आवश्यक संख्या में खातेदारों की लिखित सहमति सुनिश्चित की जाएगी। किसान निर्धारित प्रपत्र-01 के माध्यम से स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी हेतु आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे।जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि किसानों के बीच कार्यशालाओं, गोष्ठियों एवं सफल उदाहरणों (केस स्टडी) के माध्यम से चकबंदी के लाभों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।किसानों को कृषि उत्पादकता में वृद्धि, सिंचाई सुविधाओं के बेहतर उपयोग, खेती की लागत में कमी तथा भूमि प्रबंधन की दक्षता जैसे लाभों की जानकारी दी जाए।उन्होंने कहा कि स्वैच्छिक/आंशिक चकबंदी प्रोत्साहन नीति-2026 के अंतर्गत उपलब्ध विभिन्न प्रोत्साहनों एवं विभागीय योजनाओं, स्वरोजगार कार्यक्रमों, सिंचाई सुविधाओं, आदान सब्सिडी, खेतों की तारबंदी, कृषि यंत्रीकरण, पुरस्कार एवं अन्य विकासात्मक लाभों की जानकारी भी किसानों तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक कृषक इस योजना का लाभ उठाते हुए आधुनिक एवं संगठित कृषि व्यवस्था को अपनाने के लिए प्रेरित हों।
kamal bhandari editor in chief ।

