चम्पावत,
*शारदा घाट पुनर्विकास, सिटी ड्रेनेज, इकोलॉजिकल कॉरिडोर, रोपवे एवं पर्यटन परियोजनाओं को प्राथमिकता के साथ समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के क्रम में आदर्श चम्पावत–विकसित चम्पावत की परिकल्पना को साकार करने हेतु टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में संचालित विभिन्न महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा शुक्रवार को तहसील पूर्णागिरि (टनकपुर) में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने शारदा नदी घाट पुनर्विकास परियोजना, सिटी ड्रेनेज प्लान, इकोलॉजिकल कॉरिडोर, रोपवे परियोजना, रंणकोची मंदिर के पर्यटन एवं जीर्णोद्धार कार्य, बाढ़ सुरक्षा, सड़क एवं विद्युत से संबंधित परियोजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मा.मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप प्रत्येक परियोजना का लाभ सीधे आमजन तक पहुँचना चाहिए, इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।शारदा घाट पुनर्विकास की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।उन्होंने परियोजना क्षेत्र में अतिक्रमण से प्रभावित परिवारों के संबंध में सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) एवं पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन (R&R) योजना की प्रक्रिया को प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि प्रभावित परिवारों के आवास की समुचित व्यवस्था करते हुए स्थानीय लोगों से निरंतर संवाद स्थापित किया जाए, जिससे विकास कार्यों को गति मिल सके। बैठक में नायकखेड़ा क्षेत्र में आपदा जोखिम न्यूनीकरण के उद्देश्य से प्रस्तावित इकोलॉजिकल कॉरिडोर के विकास की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निजी भूमि अधिग्रहण से संबंधित आवश्यक अभिलेखों की प्रक्रिया में तेजी लाने हेतु सम्बंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।सिटी ड्रेनेज प्लान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने कार्य को विभिन्न चरणों में विभाजित कर समानांतर रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि कार्य शीघ्र पूर्ण हो सके। बैठक में अवगत कराया गया कि परियोजना की डिज़ाइन ड्रॉइंग्स को को पीएमसी द्वारा अनुमोदित कर दिया गया है तथा इन्हें कार्यदायी संस्था को उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे निर्माण कार्यों को तेजी से किया जा सके। जिलाधिकारी ने परियोजना की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने रंणकोची मंदिर पर्यटन, अवसंरचना विकास एवं जीर्णोद्धार परियोजना की समीक्षा करते हुए कार्यदायी संस्था को स्वीकृत डिज़ाइन के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजना में स्थानीय संस्कृति एवं पारंपरिक स्थापत्य को प्राथमिकता दी जाए। बैठक में निर्णय लिया गया कि विभिन्न हितधारकों से सहमति एवं संवाद स्थापित करते हुए दुकानों का आवश्यकतानुसार स्थानांतरण किया जाएगा। साथ ही उन्होंने परियोजना को स्थानीय पहचान एवं सांस्कृतिक विरासत के अनुरूप विकसित किये जाने की बात कही।जिलाधिकारी ने रोपवे परियोजना सहित अन्य विकास कार्यों की भी समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं को आपसी समन्वय के साथ कार्यों में तेजी लाने तथा प्रत्येक परियोजना की नियमित प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि टनकपुर-बनबसा क्षेत्र में संचालित सभी परियोजनाएं जनपद के पर्यटन, आधारभूत संरचना, आपदा प्रबंधन तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देंगी। इसलिए सभी विभाग निर्धारित समयसीमा, गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ कार्य करना सुनिश्चित करें, ताकि मुख्यमंत्री की विकासपरक सोच का लाभ आमजन को शीघ्र प्राप्त हो सके।बैठक में मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि टनकपुर श्री दीपक रजवार, उपजिलाधिकारी श्री प्रमोद कुमार, तहसीलदार सुश्री पिंकी आर्या, एगिस इंडिया कंसल्टिंग कंपनी के टीम लीडर श्री सत्यजीत राय गुप्ता, श्री आर.के. यादव, रोपवे परियोजना के प्रोजेक्ट मैनेजर श्री महेंद्र सिंह, सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता श्री मनोज कुमार सहित विभिन्न विभागों एवं कार्यदायी संस्थाओं के अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
kamal bhandari editor in chief ।

