चम्पावत,
*नमामि गंगे समिति की बैठक में नदी संरक्षण, सीवेज प्रबंधन एवं लेगेसी वेस्ट निस्तारण की समीक्षा**सितंबर तक शत-प्रतिशत लेगेसी वेस्ट निस्तारण के निर्देश, अक्टूबर तक 25 गांवों के फ्लड प्लेन जोन का डिमार्केशन पूरा करने को कहा*जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को जिलाधिकारी कार्यालय सभागार में नमामि गंगे समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में नमामि गंगे कार्यक्रम के अंतर्गत सीवेज ट्रीटमेंट एवं आधारभूत संरचना के विकास, नदियों में ठोस अपशिष्ट के निस्तारण की रोकथाम, लेगेसी वेस्ट के निस्तारण, फ्लड प्लेन जोनिंग की स्थिति तथा ‘अर्थ गंगा’ मॉडल के माध्यम से आर्थिक विकास से जुड़े विभिन्न विषयों की विस्तृत समीक्षा की गई।जिलाधिकारी ने जनपद के नगर निकायों में शेष लेगेसी वेस्ट के निस्तारण में तेजी लाते हुए 15 सितंबर तक शत-प्रतिशत लेगेसी वेस्ट का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि नदी एवं जल स्रोतों में किसी भी प्रकार के ठोस अपशिष्ट का निस्तारण न हो, इसके लिए प्रभावी निगरानी एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। साथ ही निस्तारित किए जा रहे अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।फ्लड प्लेन जोनिंग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता, सिंचाई खंड को फ्लड प्लेन जोन के अंतर्गत चिन्हित 25 गांवों के डिमार्केशन की प्रक्रिया अक्टूबर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ संभावित क्षेत्रों का स्पष्ट चिन्हांकन एवं आवश्यक अभिलेखीकरण समयबद्ध रूप से किया जाए।बैठक में पेयजल निगम के अधिकारियों द्वारा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से संबंधित कार्यों की जानकारी दी गई। बताया गया कि चम्पावत में 4.5 एमएलडी, लोहाघाट में 3.0 एमएलडी, टनकपुर नगर के लिए 4.5 एमएलडी, पूर्णागिरि मंदिर क्षेत्र के लिए 2.7 एमएलडी तथा बनबसा नगर के लिए 1.2 एमएलडी क्षमता के एसटीपी से संबंधित आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। जिलाधिकारी ने सीवेज प्रबंधन से जुड़े कार्यों को निर्धारित मानकों एवं समयसीमा के अनुरूप आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चम्पावत श्री भारत त्रिपाठी ने बताया कि जनपद के समस्त नगर निकायों में कुल 40,112.55 मीट्रिक टन लेगेसी वेस्ट चिन्हित है, जिसमें से अब तक 28,897 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण किया जा चुका है। शेष लेगेसी वेस्ट के निस्तारण हेतु निर्धारित समयसीमा के अनुसार कार्य किया जा रहा है। जिलाधिकारी ने शेष मात्रा के निस्तारण में तेजी लाने तथा नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए।बैठक में ‘अर्थ गंगा’ मॉडल के अंतर्गत नदी संरक्षण के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने, अपशिष्ट एवं सीवेज के पुनः उपयोग की संभावनाओं तथा जनसहभागिता से जुड़े विषयों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ नमामि गंगे कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।बैठक में डीएफओ श्री ढिनो पुरुषोत्तमन, मुख्य विकास अधिकारी श्री जीएस खाती, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी श्री देवेंद्र पटवाल, उप प्रभागीय वनाधिकारी श्री सुनील कुमार, अधिशासी अभियंता श्री हितेश कांडपाल, अधिशासी अभियंता श्री मोहन चन्द्र पलड़िया, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका चम्पावत श्री भारत त्रिपाठी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
kamal bhandari editor in chief ।

