चम्पावत,
*सेवा संकल्प अभियान के तहत कास्तकारों को निःशुल्क सब्जी बीज वितरित, संरक्षित खेती एवं पॉलीहाउस तकनीक के प्रति किया जागरूक*
*मा मुख्यमंत्री के विजन के अनुरूप कास्तकारों को आधुनिक औद्यानिकी से जोड़ने की पहल*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के समृद्ध, आत्मनिर्भर एवं सशक्त उत्तराखंड के विजन को धरातल पर साकार करने के उद्देश्य से जनपद चम्पावत में कास्तकारों को आधुनिक कृषि एवं औद्यानिकी गतिविधियों से जोड़ने की दिशा में निरंतर कार्य किया जा रहा है। मा0 मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में संचालित सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें नवीनतम तकनीकों, संरक्षित खेती एवं उच्च मूल्य वाली औद्यानिकी फसलों के प्रति जागरूक किया जा रहा है।इसी क्रम में शुक्रवार को विकासखंड लोहाघाट के ग्राम फोर्ती में उद्यान विभाग द्वारा कार्यक्रम आयोजित कर ग्रामीण कास्तकारों को निःशुल्क सब्जी बीज वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान कास्तकारों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करने के साथ ही संरक्षित खेती, पॉलीहाउस योजना एवं आधुनिक औद्यानिकी तकनीकों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।जिला उद्यान अधिकारी श्री योगेश भट्ट ने बताया कि ग्राम फोर्ती में आयोजित कार्यक्रम से कुल 56 कास्तकार लाभान्वित हुए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कास्तकारों को उन्नत कृषि एवं औद्यानिकी गतिविधियों से जोड़ने के लिए विभाग द्वारा निरंतर जागरूकता एवं प्रोत्साहन कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। कास्तकारों को उपलब्ध योजनाओं का लाभ उठाते हुए सब्जी उत्पादन एवं संरक्षित खेती को अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।इसी क्रम में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ग्राम चौड़ामेहता में भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान योजना के अनुसार 15 लाभार्थी कास्तकारों को निःशुल्क सब्जी बीज वितरित किए गए। साथ ही उपस्थित ग्रामीणों को पॉलीहाउस, कीवी मिशन, सेब मिशन सहित उद्यान विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की गई तथा योजनाओं के तहत उपलब्ध सुविधाओं एवं लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया के संबंध में भी अवगत कराया गया।उद्यान विभाग द्वारा आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीण कास्तकारों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक औद्यानिकी तकनीकों से जोड़ना, सब्जी उत्पादन को बढ़ावा देना तथा पॉलीहाउस एवं अन्य संरक्षित खेती की तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के जागरूकता एवं सहायता कार्यक्रमों को निरंतर जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।
kamal bhandari editor in chief ।

