चंपावत। जिले की भंडारबोरा जिला पंचायत सीट का चुनावी विवाद एक बार फिर गरमा गया है। जिला सत्र न्यायालय में सुनवाई के दौरान प्रस्तुत सरकारी दस्तावेजों ने इस मामले को नया मोड़ दे दिया है। आधिकारिक मतगणना अभिलेखों (परिशिष्ट-7 और 8) के अनुसार, भाजपा समर्थित प्रत्याशी शैलेश जोशी दोनों ही स्थितियों में अपने निकटतम प्रतिद्वंदी से आगे रहे हैं। हालांकि, तकनीकी और लिपिकीय त्रुटियों के आधार पर निर्वाचन निरस्त होने के बाद, अब जोशी पक्ष ने इस ‘जनादेश के अपमान’ के खिलाफ उत्तराखंड उच्च न्यायालय जाने का निर्णय लिया है।आधिकारिक आंकड़ों की गवाही: हर रिपोर्ट में ‘जोशी’ आगेअदालत में पेश की गई दो अलग-अलग मतगणना विवरणी (Annexures) रिपोर्टों ने शैलेश जोशी की जीत की पुष्टि की है:परिशिष्ट-7 (मतगणना परिणाम): इस रिपोर्ट के अनुसार, कमल सिंह रावत को 3111 मत मिले, जबकि शैलेश जोशी को 3282 मत प्राप्त हुए। यहाँ जोशी 171 मतों के भारी अंतर से विजयी रहे।परिशिष्ट-8 (संशोधित विवरणी): यहाँ कमल सिंह रावत के मत बढ़कर 3257 दिखाए गए, लेकिन शैलेश जोशी के मत 3282 पर ही स्थिर रहे। इस रिपोर्ट में भी जोशी 25 मतों की बढ़त के साथ विजेता के रूप में उभरे।इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि जनता का विश्वास और मतों का बहुमत पूरी तरह से शैलेश जोशी के पक्ष में रहा है।न्यायालय का फैसला और अधूरी राहतन्यायालय ने अपनी सुनवाई में माना कि मतगणना प्रक्रिया के दौरान कुछ लिपिकीय त्रुटियां (Clerical Errors) हुई थीं। इसी को आधार बनाकर वर्तमान निर्वाचन को रद्द करने का आदेश दिया गया। गौर करने वाली बात यह है कि न्यायालय ने किसी अन्य प्रत्याशी को विजयी घोषित नहीं किया है, जिससे यह साफ होता है कि दूसरे पक्ष के जीत के दावे में कोई ठोस आधार नहीं था।जनादेश के सम्मान के लिए ‘हाई कोर्ट’ की तैयारीशैलेश जोशी और उनके समर्थकों का मानना है कि जब सरकारी दस्तावेज खुद उनकी जीत की तस्दीक कर रहे हैं, तो केवल प्रक्रियात्मक चूक की वजह से जनता के फैसले को दरकिनार नहीं किया जाना चाहिए।शैलेश जोशी का पक्ष:”लोकतंत्र में मतदाताओं का निर्णय सर्वोपरि होता है। दोनों आधिकारिक गणनाओं में मेरी जीत दर्ज है, जो यह साबित करती है कि भंडारबोरा की जनता ने मुझे सेवा का अवसर दिया है। हम उच्च न्यायालय में अपील कर रहे हैं ताकि जनता का एक-एक वोट सुरक्षित रहे और सत्य की जीत हो।”क्षेत्र में चर्चा और भविष्य की राहइस फैसले के बाद भंडारबोरा क्षेत्र में शैलेश जोशी के प्रति सहानुभूति और समर्थन बढ़ा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि आंकड़ों की स्पष्टता के बाद जोशी का पक्ष काफी मजबूत है। अब नैनीताल उच्च न्यायालय का रुख इस सीट का भविष्य तय करेगा, जहाँ जोशी पक्ष पूरी मजबूती के साथ अपने ‘विजयी आंकड़ों’ को पेश करेगा।
भंडारबोरा सीट मामला: आंकड़ों में शैलेश जोशी की स्पष्ट जीत, अब उच्च न्यायालय में न्याय की गुहार

