चम्पावत
*जिलाधिकारी ने सुरक्षा दीवार (बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य) का भी बारीकी से किया निरीक्षण* *स्थानीय ग्रामीणों ने झूला पुल के लिए मा.मुख्यमंत्री जी का जताया आभार*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा संख्या-341/2024 के अंतर्गत बेलखेत क्षेत्र में क्वैराला नदी पर प्रस्तावित 85 मीटर स्पान पैदल झूला पुल के निर्माण कार्य में तेजी से प्रगति हो रही है। राज्य आपदा न्यूनीकरण निधि (एसडीआरएफ) मद से इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए ₹481.57 lakh की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। टेंडर सहित सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के उपरांत पुल का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर संचालित किया जा रहा है।रविवार को जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने निर्माण स्थल का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी द्वारा स्थानीय लोगों व ग्रामीणों से सीधे संवाद किया गया, जिसमें उन्होंने लोगों की समस्याओं को सुना और विकास कार्यों पर उनका फीडबैक लिया। इस दौरान उन्होंने पुल के साथ-साथ बेलखेत गांव को बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा तैयार की जा रही सुरक्षा दीवार (बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य) का भी बारीकी से निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं निर्धारित समय-सीमा के अनुरूप कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि परियोजना के प्रत्येक चरण में गुणवत्ता से कोई समझौता न किया जाए तथा निर्माण कार्य समयबद्ध ढंग से पूर्ण किया जाए।परियोजना के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए संबंधित अधिकारियों ने बताया कि बेलखेत गांव की सुरक्षा हेतु 215 मीटर लंबाई वाले स्पान का बाढ़ सुरक्षात्मक कार्य सिंचाई विभाग द्वारा किया जा रहा है। इस सुरक्षा दीवार की मजबूती का विशेष ध्यान रखा गया है, जिसका बेस (चौड़ाई) 7.5 मीटर और ऊंचाई 6 मीटर रखी गई है। इस सुरक्षा दीवार के शीघ्र निर्माण से आने वाले समय में बरसात के दिनों में गांव को बाढ़ और कटाव के खतरे से पूरी तरह सुरक्षा मिलेगी। निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, चम्पावत श्री मोहन चंद पलड़िया ने बताया कि झूला पुल का निर्माण कार्य निर्धारित योजना के अनुसार प्रगति पर है। विभाग का लक्ष्य निर्धारित एक वर्ष की समय-सीमा से पूर्व ही कार्य पूर्ण कर पुल को आमजन के लिए समर्पित करना है, जिससे क्षेत्रवासियों को शीघ्र लाभ मिल सके।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि इस पुल के निर्माण से बेलखेत एवं आसपास के गांवों के लोगों को वर्षभर सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध होगी। विशेष रूप से बरसात के दौरान क्वैराला नदी पार करने में होने वाली कठिनाइयों से राहत मिलेगी। विद्यार्थियों, किसानों, महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए आवागमन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। साथ ही आपदा एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को भी गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित एवं सुद्रढ संपर्क व्यवस्था विकसित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बेलखेत पैदल झूला पुल परियोजना इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर चल रहे कार्यों की सराहना की। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के समक्ष कार्य की उच्च गुणवत्ता और सुरक्षात्मक मानकों पर पूर्ण संतोष व्यक्त किया। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2024 की अतिवृष्टि के कारण यहाँ का पुराना झूला पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर मात्र 15 दिनों के भीतर वैकल्पिक मार्ग के रूप में ट्रॉली की व्यवस्था की गई थी। अब स्थायी पुल और विशाल सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य तेजी से होने से समस्त क्षेत्रीय जनता में हर्ष है। ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण परियोजना को समय से शुरू कराने और निर्माण कार्य प्रारंभ कराने के लिए माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी एवं जिला प्रशासन का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया।इस अवसर पर पूर्व ग्राम प्रधान दियूरी बालम सिंह बोहरा, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मनोहर सिंह नेगी, जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि सुंदर सिंह बोहरा, रवि बोहरा, नरेश सिंह, पान सिंह, देवेन्द्र नेगी, कल्याण सिंह, विनोद सिंह, प्रेम सिंह, अर्जुन सिंह, दिनेश सिंह, रवीन्द्र सिंह, जोगा सिंह, जसवन्त सिंह सहित लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग के अधिकारी तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित रहे।
Kamal Bhandari editor in chief ।

