चंपावत। उत्तराखंड हाईकोर्ट ने भारतीय जनता पार्टी के पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं चंपावत के पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष कमल सिंह रावत को वर्ष 2023 में दर्ज हुए दुष्कर्म के मामले सहित सभी पूर्व आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। माननीय उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में उन पर लगे सभी आरोपों को निराधार पाया।
गौरतलब है कि वर्ष 2023 में कमल सिंह रावत पर दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था, जिसके बाद भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। उस समय वे तल्लादेश मंडल के मंडल अध्यक्ष और सल्ली सीट से क्षेत्र पंचायत सदस्य के पद पर कार्यरत थे।
फैसले के बाद मीडिया से बातचीत में कमल सिंह रावत ने कहा कि उनके खिलाफ यह एक सुनियोजित षड्यंत्र था और उनकी बढ़ती राजनीतिक लोकप्रियता को देखते हुए उनके करियर को शुरू होने से पहले ही समाप्त करने की कोशिश की गई। हालांकि उन्होंने इस मामले में किसी का नाम लेने से परहेज किया।
बता दें कि 2023 से पहले तक कमल सिंह रावत चंपावत में भाजपा के एक तेज-तर्रार और उभरते युवा नेता के रूप में जाने जाते थे। वे उत्तराखंड वन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं चंपावत के पूर्व विधायक कैलाश गहतोड़ी के करीबी सहयोगियों में भी गिने जाते थे।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब यह देखना दिलचस्प होगा कि कमल सिंह रावत अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर आगे क्या कदम उठाते हैं।

