निराश्रित पशुओं की समस्या पर सख्त एक्शन: जिलाधिकारी ने सभी विभागों को दिए ठोस निर्देश

उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में व्यापक कार्ययोजना, जनसुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता

मा. उच्चतम न्यायालय द्वारा स्वतः संज्ञानित “In city hounded by stray, kids pay price” रिट पिटीशन के अनुपालन में जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने जिला सभागार में संबंधित विभागों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जनपद में निराश्रित पशुओं की समस्या के प्रभावी समाधान हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में सम्बन्धित कार्यालयाध्यक्षों ने अपने-अपने कार्यालयों में एक नोडल अधिकारी नामित कर लिया है, जो परिसर में निराश्रित पशुओं की रोकथाम, निगरानी एवं त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी कार्यालयों, विद्यालयों, महाविद्यालयों, अस्पतालों, स्पोर्ट्स कॉलेज, बस स्टेशन, रेलवे परिसरों सहित अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर निराश्रित पशुओं का प्रवेश किसी भी स्थिति में न होने दिया जाए। इसके लिए नियमित निगरानी एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।

सड़क सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य संबंधित एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे सड़कों पर निराश्रित पशुओं की रोकथाम हेतु ठोस एवं प्रभावी कार्ययोजना तैयार करें, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना कम हो और यातायात सुचारू बना रहे।

उन्होंने पशुपालन विभाग, जिला पंचायत एवं नगर निकायों को निर्देश दिए कि जो व्यक्ति पशुओं को खुले में छोड़ते हैं, उनके विरुद्ध सख्त चालानी कार्रवाई की जाए, ताकि इस प्रकार की लापरवाही पर अंकुश लगाया जा सके।

डॉग बाइट की घटनाओं के दृष्टिगत जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग को समुचित कार्ययोजना तैयार करने तथा सभी राजकीय एवं निजी चिकित्सालयों में एंटी-रेबीज़ वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अवगत कराया गया कि जनपद में पशु जन्म नियंत्रण (ABC) केंद्रों का संचालन पिथौरागढ़ एवं रुद्रपुर से किया जाएगा, जिस पर जिलाधिकारी ने त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी ने जनपद में संचालित गौसदनों एवं निर्माणाधीन गौसदनों की स्थिति की भी विस्तृत समीक्षा की तथा संबंधित अधिकारियों को इनके संचालन, क्षमता वृद्धि एवं व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि निराश्रित पशुओं की समस्या जन-सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं यातायात प्रबंधन से सीधे जुड़ी हुई है, इसलिए सभी विभाग इसे शीर्ष प्राथमिकता में रखते हुए समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें।

बैठक में अपर जिलाधिकारी श्री कृष्णनाथ गोस्वामी, जिला विकास अधिकारी दिनेश सिंह डिगारी, मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ. वसुंधरा गर्ब्याल, अधिशासी अधिकारी नगरपालिका भरत त्रिपाठी, सौरभ नेगी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे।

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