विकास की राह हुई आसान: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के विजन और स्थानीय मांग पर बिनवाल गांव-कलियाधूरा मोटर मार्ग को मिली केंद्र की हरी झंडी

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी की पहल: केंद्रीय मंत्रालय ने 8.720 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण को दी सैद्धांतिक स्वीकृति, बिनवाल गांव-कलियाधूरा मोटर मार्ग का होगा निर्माण

​मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व, उनकी दूरदर्शी सोच और क्षेत्रीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को प्राथमिकता देते हुए उत्तराखंड शासन ने विकास की राह को और आसान बना दिया है।

इसी कड़ी में चम्पावत के अन्तर्गत बिनवाल गांव – कलियाधूरा मोटर मार्ग के निर्माण का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय भारत सरकार द्वारा इस सड़क निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग को 8.720 हेक्टेयर वन भूमि के हस्तांतरण (प्रत्यावर्तन) की सैद्धान्तिक स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

मुख्यमंत्री की पहल पर हुए इस फैसले से सीमांत क्षेत्र के हजारों ग्रामीणों को सीधे तौर पर बारहमासी कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा, जिससे न सिर्फ आवागमन सुगम होगा बल्कि क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों और पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने बताया किया कि केंद्र सरकार द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुसार इस योजना के बदले पाटी तहसील के मौनकाण्डा पट्टी (चौड़ाकोटा) में 17.442 हेक्टेयर सिविल भूमि पर प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) का कार्य कराया जाएगा, जिसमें स्थानीय स्वदेशी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे।

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने आगे कहा कि सड़क निर्माण के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों को किसी भी तरह का नुकसान न पहुंचे, इसके लिए सभी तय मानकों का कड़ाई से अनुपालन किया जाएगा।

उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया है कि पेड़ों की कटाई को न्यूनतम रखा जाए और पूरा काम वन विभाग की सख्त देखरेख में किया जाए।

इसके साथ ही जिलाधिकारी द्वारा मलबे के निस्तारण (डंपिंग) के लिए निर्धारित स्थलों पर सुरक्षा दीवारें बनाकर समयबद्ध तरीके से उनका स्थिरीकरण व सुधारीकरण करने के निर्देश दिए है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया है, जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग और वन विभाग के साथ समन्वय बनाकर केंद्र की सभी शर्तों को पूरा करते हुए इस सड़क परियोजना का काम जल्द से जल्द धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि स्थानीय ग्रामीणों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ अविलंब मिल सके।

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