चम्पावत,
*इन्फ्लूएंजा से बचाव को स्वास्थ्य विभाग सतर्क, जिलाधिकारी ने दिए आवश्यक दिशा-निर्देश*
जनपद में मौसमी इन्फ्लूएंजा से बचाव एवं रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने स्वास्थ्य विभाग को सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित रखने तथा आमजन को इन्फ्लूएंजा के लक्षणों, बचाव एवं रोकथाम के उपायों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं।मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान ने बताया कि जनपद की चिकित्सा इकाइयों में आइसोलेशन बेड/वार्ड, पर्याप्त ऑक्सीजन कंसंट्रेटर एवं ऑक्सीजन सिलेंडर, आवश्यक दवाइयां तथा चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन्फ्लूएंजा के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी एवं नियमित रिपोर्टिंग भी सुनिश्चित की जा रही है।जनपद स्तर पर रैपिड रिस्पांस टीम (आरआरटी.) सक्रिय है, जिसमें जिला सर्विलांस अधिकारी, फिजिशियन, बाल रोग विशेषज्ञ एवं माइक्रोबायोलॉजिस्ट शामिल हैं। इसके साथ ही आशा एवं एएनएम कार्यकर्ताओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को इन्फ्लूएंजा के लक्षण, बचाव एवं रोकथाम के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि छींकते और खांसते समय नाक एवं मुंह को ढकें, साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ साफ करें, सार्वजनिक स्थानों पर न थूकें तथा भीड़भाड़ वाले स्थानों पर आवश्यक सावधानी बरतें। बच्चों, बुजुर्गों एवं गंभीर रोगियों का विशेष ध्यान रखने, आवश्यकता के अनुसार मास्क का उपयोग करने तथा उचित दूरी बनाए रखने की भी अपील की गई है।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने कहा है कि बुखार, खांसी, गले में खराश अथवा सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज न करें और समय पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क कर चिकित्सकीय परामर्श लें। विभाग द्वारा जिले में निगरानी एवं जागरूकता गतिविधियां लगातार संचालित की जा रही हैं, ताकि मौसमी इन्फ्लूएंजा से प्रभावी रूप से बचाव सुनिश्चित किया जा सके।
kamal bhandari editor in chief ।

