चम्पावत में 540 कार्मिक जुटे जनगणना अभियान में, 24 मई तक घर-घर होगा सर्वेक्षण

24 मई तक चलेगा जनगणना का द्वितीय चरण: डिजिटल माध्यम से हो रहा डेटा संकलन, 459 प्रगणक व 81 सुपरवाइजर तैनात

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के मार्गदर्शन में जनपद चम्पावत में राष्ट्रीय महत्व के ‘भारत जनगणना 2027’ अभियान का द्वितीय चरण तीव्र गति से संचालित किया जा रहा है।

डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के अनुरूप इस बार जनगणना की पूरी प्रक्रिया को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप दिया गया है, जिससे डेटा संकलन में तेजी, पारदर्शिता और शुद्धता सुनिश्चित हो रही है।

अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी ने जानकारी देते हुए बताया कि द्वितीय चरण के अंतर्गत प्रशिक्षित प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर डेटा संकलन किया जा रहा है, जिसे 24 मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

इस चरण में भवनों की स्थिति, निर्माण की प्रकृति, उपयोगिता तथा परिवारों को उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं—जैसे स्वच्छ पेयजल, विद्युत, शौचालय एवं आवासीय स्थिति—का विस्तृत विवरण संकलित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि डेटा संकलन के लिए अत्याधुनिक HLO Application का उपयोग किया जा रहा है, जिसके माध्यम से सूचनाएं सीधे डिजिटल सर्वर पर अपलोड की जा रही हैं। इससे रियल-टाइम मॉनिटरिंग और वैज्ञानिक विश्लेषण संभव हो रहा है, जो भविष्य की विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार प्रदान करेगा।

तहसील चम्पावत में 79 प्रगणक व 11 सुपरवाइजर, पाटी में 84 प्रगणक व 14 सुपरवाइजर, बाराकोट में 41 प्रगणक व 07 सुपरवाइजर, पूर्णागिरि में 81 प्रगणक व 16 सुपरवाइजर तथा लोहाघाट में 85 प्रगणक व 14 सुपरवाइजर सहित जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में कुल 370 प्रगणक एवं 62 सुपरवाइजर तैनात किए गए हैं।

वहीं नगर पालिका टनकपुर में 35 प्रगणक व 9 सुपरवाइजर, लोहाघाट में 16 प्रगणक व 3 सुपरवाइजर, चम्पावत में 23 प्रगणक व 4 सुपरवाइजर, नगर पंचायत पाटी में 6 प्रगणक व 1 सुपरवाइजर तथा बनबसा में 9 प्रगणक व 2 सुपरवाइजर सहित कुल नगरीय क्षेत्रों में 89 प्रगणक एवं 19 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है।

अपर जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना अभियान दो चरणों में संचालित हो रहा है। प्रथम चरण में भौतिक आधारभूत ढांचे का सर्वेक्षण पूर्ण किया जा चुका है, जबकि द्वितीय चरण में सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय आंकड़ों का गहन संकलन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनगणना केवल जनसंख्या की गणना नहीं, बल्कि नीति-निर्माण का एक महत्वपूर्ण आधार है, जिसके माध्यम से संसाधनों का न्यायसंगत वितरण एवं अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की जाती है।

उन्होंने समस्त जनपदवासियों से अपील की कि वे इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहयोग करें तथा प्रगणकों को सही एवं सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि चम्पावत डेटा-आधारित विकास मॉडल की दिशा में सशक्त रूप से आगे बढ़ सके।

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