बाघ के हमले में बाल-बाल बचे ग्रामीण, बेटी की बहादुरी से बची पिता की जान ।
चंपावत।
सिमल्टा (स्थानीय संवाददाता): सिमल्टा गांव में शुक्रवार रात करीब 9 बजे बाघ के हमले से इलाके में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार, सुरेश पाण्डेय पर अचानक बाघ ने हमला कर दिया। इस दौरान मौके पर मौजूद उनकी बेटी किरण पाण्डेय ने अदम्य साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए अपने पिता की जान बचा ली।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बाघ के अचानक हमले से आसपास के लोग घबरा गए, लेकिन किरण ने बिना अपनी जान की परवाह किए हिम्मत दिखाई और शोर मचाकर तथा साहसपूर्वक प्रयास कर अपने पिता को बाघ के चंगुल से छुड़ा लिया। घटना के बाद क्षेत्र में भय का माहौल है और ग्रामीणों ने वन विभाग से बाघ की निगरानी बढ़ाने तथा लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।घायल सुरेश पाण्डेय को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। उनकी स्थिति के बारे में आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। वहीं, वन विभाग की टीम घटना की जांच में जुट गई है और आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार वन्यजीवों की आवाजाही बढ़ रही है, जिससे लोगों में डर का माहौल बना हुआ है। बेटी किरण पाण्डेय की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में सराहना की जा रही है।(नोट: यह समाचार उपलब्ध प्रारंभिक जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। आधिकारिक पुष्टि के बाद तथ्यों में परिवर्तन संभव है।
kamal bhandari editor in chief ।

