जिलाधिकारी का रा.उ.मा. विद्यालय पल्सो में औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का लिया जायजा*

चम्पावत

*प्रशासनिक जिम्मेदारी के साथ शिक्षक की भूमिका में नजर आए जिलाधिकारी, बच्चों को सरल अंदाज में पढ़ाया सामाजिक विज्ञान**अनुपस्थित विद्यार्थियों के घर जाकर कारण जानने के निर्देश, ड्रॉपआउट रोकने पर दिया विशेष जोर**ज्ञान केंद्र (लाइब्रेरी) की सराहना, बच्चों से आत्मीय संवाद कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का दिया संदेश*माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति एवं बेहतर शैक्षिक वातावरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने मंगलवार को राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पल्सो का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की साफ-सफाई, विद्युत व्यवस्था, कक्षाओं की स्थिति, मध्याह्न भोजन, ज्ञान केंद्र (लाइब्रेरी), शौचालय की व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थिति रजिस्टर का अवलोकन कर विद्यार्थियों की उपस्थिति की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिए कि जो विद्यार्थी लगातार विद्यालय नहीं आ रहे हैं, उनके घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें तथा अनुपस्थिति के कारणों का पता लगाकर उनका नियमित नामांकन एवं उपस्थिति सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल छोड़ने (ड्रॉपआउट) की स्थिति में न पहुंचे। उन्होंने यह भी जानकारी ली कि विद्यालय के सभी विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध हो चुकी हैं। साथ ही मध्याह्न भोजन योजना का निरीक्षण करते हुए खाद्यान्न के उपलब्ध स्टॉक की समीक्षा की तथा पर्याप्त खाद्यान्न स्टॉक रखने के निर्देश दिए।विद्यालय भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने बच्चों से आत्मीय संवाद कर उनके पठन-पाठन, सामान्य ज्ञान एवं रुचियों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से वनों के महत्व पर प्रश्न पूछे, जिस पर बच्चों ने उत्साहपूर्वक शुद्ध वायु, भोजन, पशुओं के चारे, पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता जैसे अनेक लाभ बताए। बच्चों की जिज्ञासा और सहभागिता से प्रभावित होकर जिलाधिकारी ने उन्हें प्रोत्साहित किया।इस अवसर पर जिलाधिकारी स्वयं शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने बच्चों को सरल एवं रोचक शैली में सामाजिक विज्ञान पढ़ाते हुए हड़प्पा सभ्यता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि प्राचीन सभ्यताएं अधिकांशतः नदियों के किनारे विकसित हुईं, क्योंकि नदियां मानव जीवन, कृषि, व्यापार और सभ्यता के विकास का आधार रही हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित अध्ययन के साथ-साथ खेलकूद एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया।जिलाधिकारी ने माननीय मुख्यमंत्री के निर्देशों पर विद्यालय में स्थापित ज्ञान केंद्र (लाइब्रेरी) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ज्ञान केंद्र विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत विकसित करने और उनके ज्ञान का दायरा बढ़ाने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय पहल है। इस दौरान कक्षा 10 की छात्रा पूजा भट्ट ने सभी विद्यार्थियों की ओर से माननीय मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय में लाइब्रेरी की सुविधा मिलने से पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में काफी सहायता मिल रही है।जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। इसके लिए विद्यालयों में अनुशासन, नियमित उपस्थिति, स्वच्छ वातावरण और बेहतर शिक्षण व्यवस्था सुनिश्चित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।इस अवसर पर प्रधानाचार्य अजय कुमार रावत, शिक्षक नीलाधर जोशी, शिक्षिका भावना उपाध्याय तथा शिक्षिका चंद्रवती सहित अन्य स्टॉफ उपस्थित रहें ।

kamal bhandari editor in chief ।

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