चंपावत: बढ़ती गर्मी के बीच जनपद चंपावत से एक बड़ी लापरवाही सामने आई है। जिले के सबसे ऊंचाई वाले क्षेत्र में स्थित ब्लॉक कार्यालय और मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय के पास स्थापित सौर ऊर्जा संचालित वॉटर टैंक पिछले लंबे समय से बंद पड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, यह वॉटर टैंक करीब डेढ़ से दो साल से बंद है, जबकि इसकी स्थापना को लगभग 6 महीने बाद ही यह सिस्टम ठप हो गया था। हैरानी की बात यह है कि इतने लंबे समय से कोई भी विभाग इसकी सुध लेने नहीं पहुंचा।
इस वॉटर टैंक पर आसपास के 8 से 10 परिवार पूरी तरह निर्भर हैं। ये परिवार अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए यहीं से पानी लेते थे। लेकिन अब स्थिति यह है कि लोगों को हैंडपंप के सहारे पानी जुटाना पड़ रहा है, जिसमें काफी मेहनत और समय लगता है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उनकी आर्थिक स्थिति सामान्य है और वे वैकल्पिक संसाधन जुटाने में सक्षम नहीं हैं। गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी ने उनकी परेशानियों को और बढ़ा दिया है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस सौर ऊर्जा वॉटर टैंक को जल्द से जल्द ठीक कर सुचारु किया जाए, ताकि उन्हें राहत मिल सके।
👉 गौर करने वाली बात यह भी है कि इस परियोजना पर सरकार का अच्छा-खासा खर्च हुआ था, लेकिन रखरखाव के अभाव में यह पूरी व्यवस्था बेकार साबित हो रही है।
अब सवाल यह है कि आखिर जिम्मेदार विभाग कब जागेगा और कब लोगों को इस जरूरी सुविधा का लाभ मिल पाएगा?



