बारिश में खतरे की जद में आए परिवारों की सुरक्षा बनी प्राथमिकताचम्पावत पालिका का वार्डों में सघन सर्वे—असुरक्षित भवन से सात लोगों को रैन बसेरे में पहुंचायाजलभराव, भूस्खलन और जर्जर भवनों पर पालिका की पैनी नजर चम्पावत।

बारिश में खतरे की जद में आए परिवारों की सुरक्षा बनी प्राथमिकताचम्पावत पालिका का वार्डों में सघन सर्वे—असुरक्षित भवन से सात लोगों को रैन बसेरे में पहुंचायाजलभराव, भूस्खलन और जर्जर भवनों पर पालिका की पैनी नजर चम्पावत।

वर्षाकाल को देखते हुए चम्पावत नगर पालिका प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नगर क्षेत्र में संभावित आपदा और जलभराव की स्थिति से निपटने के लिए पालिका की टीम ने विभिन्न वार्डों और संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। वहीं नागनाथ वार्ड के पोरूड़ा क्षेत्र में एक भवन की बुनियाद क्षतिग्रस्त मिलने पर भवन को असुरक्षित घोषित करते हुए उसमें रह रहे सात लोगों को तत्काल सुरक्षित रैन बसेरे में पहुंचाया गया।चम्पावत में लगातार हो रही बारिश के बीच नगर पालिका प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों की निगरानी तेज कर दी है। जलभराव, भूस्खलन और क्षतिग्रस्त भवनों को लेकर पालिका की टीम ने कई वार्डों में स्थलीय सर्वे किया। नागनाथ वार्ड के पोरूड़ा में एक भवन की बुनियाद क्षतिग्रस्त मिलने पर सुरक्षा के लिहाज से भवन में रह रहे परिवार को तत्काल सुरक्षित रैन बसेरे में आश्रय दिया गया।पालिका से मिली जानकारी के अनुसार प्रभावित परिवार में राजू, उनकी पत्नी बीना तथा उनके बच्चे शिवा, शिवम, अंकित, अंशु और हिमांशु शामिल हैं। परिवार को भवन की खराब स्थिति को देखते हुए एहतियातन सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। रैन बसेरे में प्रभावित परिवार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।बारिश के मौसम में किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए चम्पावत नगर पालिका परिषद ने विभिन्न वार्डों और मोहल्लों में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। पालिका की टीम ने छतार, तल्ली मादली, मल्ली मादली, गोरलचौड़, कनलगांव, भेरवा, बालेश्वर, नागनाथ और जूप समेत कई क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया और बारिश के दौरान उत्पन्न होने वाली संभावित समस्याओं का जायजा लिया।इसी दौरान नागनाथ वार्ड के पोरूड़ा क्षेत्र में एक भवन की बुनियाद क्षतिग्रस्त पाई गई। भवन की स्थिति को देखते हुए उसे असुरक्षित माना गया। सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पालिका प्रशासन ने भवन में रह रहे सात लोगों को तत्काल रैन बसेरे में सुरक्षित आश्रय प्रदान किया।इसके अलावा छतार वार्ड के डिप्टेश्वर तथा नागनाथ वार्ड के रोपा एवं रोखेत क्षेत्रों में भी टीम ने स्थलीय सर्वेक्षण किया। संवेदनशील स्थानों और संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की जानकारी जुटाई गई।पालिका प्रशासन का कहना है कि वर्षाकाल में नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।बारिश के बीच चम्पावत नगर पालिका की यह सक्रियता बताती है कि संभावित आपदा से पहले ही एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का फोकस साफ है—खतरे वाले स्थानों की पहचान, समय रहते लोगों को सुरक्षित करना और बारिश के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत पहुंचाना।निरीक्षण अभियान के दौरान अधिशासी अधिकारी भरत त्रिपाठी, अवर अभियंता आशीष धिमान, सिटी मिशन मैनेजर महेश चौहान, कर संग्रहकर्ता प्रकाश गिरी, विद्युत कर्मी सूरज पुनेठा, वार्ड सभासद दिनेश चंद्र बर्दोला और सामाजिक कार्यकर्ता सनी वर्मा समेत संबंधित टीम के सदस्य मौजूद रहे।

kamal bhandari editor in chief ।

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