चम्पावत,
*मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पर्यटन एवं साहसिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में विकसित हो रहा चम्पावत*
*कोलीढेक कृत्रिम झील, श्यामलाताल क्षेत्र एवं जिम कॉर्बेट ट्रेल के निर्माण से पर्यटन सुविधाओं को मिला विस्तार**एडवेंचर पार्क एवं पैराग्लाइडिंग सुविधाओं का विकास से , स्थानीय युवाओं के लिए बढ़ेंगी रोजगार की संभावनाएं*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के आदर्श चम्पावत के संकल्प के अनुरूप जनपद में पर्यटन सुविधाओं के विस्तार एवं साहसिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य किया जा रहा है। प्राकृतिक सौन्दर्य, धार्मिक स्थलों और साहसिक पर्यटन की संभावनाओं को जोड़ते हुए पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा स्थानीय लोगों के लिए स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।जनपद में 30 करोड़ 76 लाख रुपये की लागत से कोलीढेक कृत्रिम झील, 4 करोड़ 91 लाख रुपये से श्यामलाताल क्षेत्र का विकास तथा 3 करोड़ 50 लाख रुपये से जिम कॉर्बेट ट्रेल का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन कार्यों से पर्यटकों को आकर्षक पर्यटन स्थलों के भ्रमण के साथ जनपद की प्राकृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।पर्यटन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पर्यटक आवास गृहों का उच्चीकरण, सिप्टी वाटरफॉल का सौन्दर्याकरण, ट्रैक मार्गों का निर्माण, साइनेज एवं साहसिक खेल सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। साथ ही रिवर राफ्टिंग के आयोजन और पैराग्लाइडिंग प्रशिक्षण के माध्यम से साहसिक पर्यटन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं को पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों में कौशल विकसित करने और आजीविका के नए अवसर प्राप्त करने में सहायता मिलेगी।साहसिक पर्यटन के विस्तार के लिए 3 करोड़ 5 लाख रुपये की लागत से एडवेंचर पार्क तथा डांडा-ककनई में 2 करोड़ 77 लाख रुपये से पैराग्लाइडिंग सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। इन सुविधाओं के विकसित होने से जनपद में साहसिक गतिविधियों के प्रति पर्यटकों का आकर्षण बढ़ेगा तथा स्थानीय स्तर पर गाइड, परिवहन, होमस्टे और अन्य सेवाओं की मांग बढ़ने की संभावनाएं बनेंगी।इसके अतिरिक्त स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत चाय बागान विकास प्रस्तावित है। प्रमुख धार्मिक स्थल रीठा साहिब के नियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार करने की कार्यवाही भी की जा रही है। इन प्रयासों से चम्पावत में प्रकृति, आस्था और रोमांच पर आधारित पर्यटन को नई पहचान मिलने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
kamal bhandari editor in chief.

