आईएमपीसीएल निजीकरण, पलायन और बेरोजगारी को बनाएगी चुनावी मुद्दा
अल्मोड़ा। आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को देखते हुए प्रदेश की राजनीति गर्माने लगी है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की चार जून को प्रस्तावित अल्मोड़ा रैली से पहले कांग्रेस ने भाजपा सरकार के खिलाफ जन मुद्दों पर बड़ा अभियान छेड़ने का ऐलान किया है। रैली की तैयारियों के सिलसिले में अल्मोड़ा पहुंचे पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रेस वार्ता कर सरकार को आईएमपीसीएल निजीकरण, पलायन, बेरोजगारी और क्षेत्रीय विकास जैसे मुद्दों पर घेरा।
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मोहान स्थित इंडियन मेडिसिन फार्मास्युटिकल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईएमपीसीएल) के निजीकरण को बड़ा मुद्दा बताते हुए सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आईएमपीसीएल उत्तराखंड की एकमात्र केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र की आयुर्वेद और यूनानी दवाइयों की बड़ी सरकारी फैक्ट्री है, जिसकी स्थापना इंदिरा गांधी के कार्यकाल में क्षेत्रीय विकास और रोजगार सृजन के उद्देश्य से की गई थी।
उन्होंने कहा कि इस संस्थान से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से करीब 20 हजार लोगों की आजीविका जुड़ी हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग जंगलों से आंवला, हरड़, बहेड़ा समेत विभिन्न जड़ी-बूटियां एकत्र कर फैक्ट्री तक पहुंचाते हैं, जिससे हजारों परिवारों की आय चलती है। मध्य हिमालयी क्षेत्र की जड़ी-बूटियों की आपूर्ति का बड़ा नेटवर्क भी इस संस्थान से जुड़ा हुआ है।
हरीश रावत ने दावा किया कि आईएमपीसीएल दो करोड़ रुपये से अधिक का वार्षिक लाभ कमा रही है। फैक्ट्री के पास लगभग 50 करोड़ रुपये की सावधि जमा और जीएसटी मद में करीब 40 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त होनी है। इसके बावजूद सरकार ने इसे बेहद कम कीमत पर निजी हाथों में सौंप दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक बड़े औद्योगिक घराने को मोहान क्षेत्र की जमीन रियल एस्टेट और पर्यटन परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस फैसले का पुरजोर विरोध करेगी। इसके तहत 31 मई को कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों से एक घंटे का मौन उपवास रखकर विरोध दर्ज कराने की अपील की गई है। साथ ही जनता से संवाद कर आगे आंदोलन की रणनीति तय की जाएगी।
कुमाऊं के विकास पर भी सरकार को घेरा
हरीश रावत ने कहा कि अल्मोड़ा, बागेश्वर, रानीखेत और गैरसैंण जैसे क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार के पास कोई स्पष्ट योजना नहीं है। कैंचीधाम क्षेत्र में वर्षों से जाम की समस्या बनी हुई है, जबकि क्वारब क्षेत्र में लगातार भूस्खलन और पहाड़ दरकने की घटनाओं से यातायात प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि कुमाऊं की लाइफ लाइन माने जाने वाले इस मार्ग की समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं निकाला जा सका है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने प्रदेश में बढ़ते भ्रष्टाचार, महिला अपराध, बेरोजगारी और पलायन को गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने दावा किया कि राज्य के 1200 गांव खाली हो चुके हैं और अब उन्हें ‘घोस्ट विलेज’ कहा जा रहा है। साथ ही 1700 इंटर कॉलेज, जूनियर हाईस्कूल और प्राथमिक विद्यालय बंद हो चुके हैं, जो प्रदेश के भविष्य के लिए चिंताजनक स्थिति है।
यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस आने वाले समय में जनता के बीच जाकर सरकार की नाकामियों को प्रमुखता से उठाएगी और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष तेज करेगी।

