एग्रीस्टैक योजना को गति देने के लिए जनपद में शुरू होगा ‘सहायक मोड’; जिलाधिकारी ने 20 मई तक लक्ष्य पूर्ण करने के दिए निर्देश

फार्मर रजिस्ट्री अभियान में अब ग्राम स्तरीय कार्मिकों की भी होगी भागीदारी, किसानों के पंजीकरण कार्य में आएगी तेजी

जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार ने एग्रीस्टैक योजनान्तर्गत जनपद के समस्त किसानों की फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने के कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा आगामी 20 मई, 2026 तक विशेष अभियान चलाकर इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसके अनुपालन में जनपद स्तर पर अभियान को और अधिक प्रभावी एवं गतिशील बनाया जा रहा है।

वर्तमान में जनपद में किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य सीएससी मोड, कैम्प मोड तथा सेल्फ मोड के माध्यम से संचालित किया जा रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी कार्य को और अधिक गति देने के उद्देश्य से अब राज्य सहित जनपद में भी अन्य राज्यों की तर्ज पर नया ‘सहायक मोड’ प्रारम्भ किया जा रहा है।

इस व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न विभागों के ग्राम स्तरीय कार्मिकों का सहयोग लिया जाएगा, जिससे किसानों की फार्मर रजिस्ट्री प्रक्रिया को गांव स्तर तक सरल और सुगम बनाया जा सके।

उन्होंने बताया कि सहायक मोड के अंतर्गत मनरेगा के ग्राम रोजगार सेवक, पंचायत राज विभाग के ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात डाटा एंट्री ऑपरेटर, कृषि विभाग के किसान सहायक, बैंक सखी एवं बैंक कॉरेस्पोन्डेंट तथा प्राथमिक कृषि सहकारिता समितियों के सचिवों को पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्य करने हेतु अधिकृत किया जाएगा। इन सभी कार्मिकों को मुख्य कृषि अधिकारी के स्तर से फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर यूजर आईडी उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने बताया कि प्रति सफल फार्मर पंजीकरण पर पंजीकरण अधिकारी को पांच रुपये तथा वेरीफायर या एप्रूवर अधिकारी को पांच रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। वहीं यदि पंजीकरण स्वतः सफल हो जाता है तो पंजीकरण अधिकारी को सीधे दस रुपये का मानदेय देय होगा।

उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ समस्त विकासखण्डों एवं तहसीलों में तैनात संबंधित कार्मिकों का विवरण निर्धारित प्रारूप में तत्काल मुख्य कृषि अधिकारी चम्पावत को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें, ताकि शीघ्र यूजर आईडी सृजित कर कार्य प्रारम्भ कराया जा सके।

जिलाधिकारी ने मुख्य कृषि अधिकारी को निर्देश दिए कि सभी संबंधित कार्मिकों को फार्मर रजिस्ट्री पोर्टल पर अविलंब पंजीकृत करते हुए आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया जाए तथा प्रशिक्षण उपरांत उन्हें तत्काल कार्य में लगाया जाए। इसके अतिरिक्त उन्होंने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को भी निर्देशित किया कि जनपद के सभी कॉमन सर्विस सेन्टरों (सीएससी) के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर किसानों की फार्मर रजिस्ट्री का कार्य तेज गति से और बिना किसी व्यवधान के संचालित कराया जाए।

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