कैलाश मानसरोवर यात्रा के अंतिम दल से गीता धामी की आत्मीय मुलाकात, 44 यात्रियों को दी मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं
आस्था और अध्यात्म की पावन यात्रा पर निकले यात्रियों से जाना हाल-चाल, तैयारियों और यात्रा अनुभवों पर की बातचीतटनकपुर। कैलाश मानसरोवर यात्रा के अंतिम दल के टनकपुर पहुंचने पर कुमाऊं मंडल विकास निगम के शारदा टूरिस्ट रेस्ट हाउस में भावपूर्ण और आत्मीय माहौल देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी की धर्मपत्नी श्रीमती गीता धामी ने विभिन्न राज्यों से आए 44 सदस्यीय कैलाश मानसरोवर यात्रा दल से मुलाकात कर यात्रियों से उनकी यात्रा की तैयारियों और अब तक के अनुभवों की जानकारी ली।इस दौरान श्रीमती गीता धामी ने यात्रियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी कुशलक्षेम जानी और सभी यात्रियों को सुरक्षित, सुगम एवं सफल यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं।आस्था, अध्यात्म और संस्कृति का संगम है कैलाश मानसरोवर यात्राश्रीमती गीता धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, आध्यात्मिक चेतना और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक है। उत्तराखण्ड की पावन धरती पर यात्रा के पड़ाव के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले यात्रियों का स्वागत और सेवा-सत्कार करना हम सभी के लिए गौरव और सौभाग्य की बात है।उन्होंने यात्रियों से बातचीत के दौरान उत्तराखण्ड की प्राकृतिक सुंदरता और धार्मिक महत्व से भी परिचित कराया तथा यात्रा के दौरान आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की।कल सुबह टनकपुर से अगले पड़ाव के लिए रवाना होगा अंतिम दलकैलाश मानसरोवर यात्रा का यह 44 सदस्यीय अंतिम दल कल प्रातः टनकपुर से आगे की यात्रा के लिए रवाना होगा। यात्रियों के प्रस्थान से पहले उनके स्वागत-सत्कार और व्यवस्थाओं को लेकर स्थानीय स्तर पर भी विशेष तैयारी की गई है।इस अवसर पर यात्रियों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। यात्रियों ने उत्तराखण्ड में मिले आत्मीय स्वागत और व्यवस्थाओं को लेकर प्रसन्नता व्यक्त की।महादेव से प्रार्थना है कि कैलाश मानसरोवर की पावन यात्रा पर निकले सभी यात्रियों की यात्रा सुरक्षित, सुगम और सफल हो तथा सभी यात्री सुखद एवं आध्यात्मिक अनुभवों के साथ अपने गंतव्य तक पहुंचें।“कैलाश मानसरोवर के अंतिम दल से गीता धामी की आत्मीय मुलाकात… 44 यात्रियों से जानी यात्रा की तैयारियां, सुखद एवं सुरक्षित यात्रा की दी शुभकामनाएं” ।
Kamal bhandari editor in chief ।

