चंपावत |
पुलिस अधीक्षक चंपावत श्रीमती रेखा यादव के निर्देशन में “ऑपरेशन प्रहार” के तहत शनिवार, 11 अप्रैल 2026 को थाना रीठा साहिब की पुलिस टीम ने ग्राम कुलियाल में एक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने गांव के बुजुर्गों के घर-घर जाकर उनका हाल-चाल जाना और उन्हें साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए।
बुजुर्गों से सीधा संवाद, समस्याएं भी सुनीं
पुलिस टीम ने वरिष्ठ नागरिकों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर न केवल उनका कुशलक्षेम जाना, बल्कि उनकी दैनिक समस्याओं को भी ध्यान से सुना। इस पहल का उद्देश्य पुलिस और समाज के बीच विश्वास की एक मजबूत कड़ी बनाना है, विशेष रूप से उन बुजुर्गों के लिए जो अकेले रहते हैं और साइबर ठगों के आसान निशाने बन जाते हैं।
साइबर फ्रॉड से बचाव के दिए ये जरूरी टिप्स
पुलिस टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से जागरूक किया —
- साइबर फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से कैसे बचें
- डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े की पहचान
- फर्जी कॉल पर किसी को भी व्यक्तिगत जानकारी न दें
- OTP किसी से भी साझा न करें, चाहे कॉल करने वाला खुद को बैंक अधिकारी ही क्यों न बताए
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें, यह आपके मोबाइल और बैंक खाते को खाली कर सकता है
संदेह होने पर तुरंत करें इन नंबरों पर संपर्क
पुलिस ने बुजुर्गों को बताया कि किसी भी संदिग्ध कॉल या ऑनलाइन ठगी की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि तत्काल इन हेल्पलाइन नंबरों पर सूचना दें —
📞 पुलिस हेल्पलाइन — 112 💻 साइबर हेल्पलाइन — 1930
चंपावत पुलिस का आश्वासन — “हम आपके साथ हैं”
पुलिस टीम ने वरिष्ठ नागरिकों को आश्वस्त किया कि चंपावत पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए सदैव तत्पर है। भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते रहेंगे ताकि कोई भी नागरिक साइबर अपराधियों का शिकार न बने।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन प्रहार के अंतर्गत चंपावत पुलिस जिलेभर में इस तरह के अभियान चला रही है, जिसमें खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है।

