चंपावत
*मा0 मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना एवं माननीय मुख्यमंत्री उदयीमान खिलाड़ी प्रोत्साहन कार्यक्रम के तहत न्याय पंचायत से जिला स्तर तक मैरिट से होगा चयन; ट्रायल के लिए आधार, मूल निवास, पास पोर्ट साइज फोटो लाना अनिवार्य।*मा0 मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन एवं प्रोत्साहन योजना के तहत चम्पावत जनपद में 8 से 14 वर्ष तक के उदीयमान खिलाड़ियों को प्रति माह 1500 रुपये की छात्रवृत्ति तथा 14 से 23 वर्ष तक के उदयीमान खिलाड़ियों को प्रतिमाह 2000 की छात्रवृत्ति तथा खेल किट हेतु 10000 की एकमुश्त धनराशि दिए जाने के संबंध में जिला कार्यालय सभागार में बैठक आयोजित हुई। अपर जिलाधिकारी कृष्ण नाथ गोस्वामी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला क्रीड़ा अधिकारी चंदन बिष्ट ने योजना के तहत चयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उदयीमान उन्नयन योजना के अंतर्गत छात्रवृत्ति के लिए जनपद से कुल 150 बालकों और 150 बालिकाओं तथा प्रोत्साहन कार्यक्रम हेतु 100 बालकों और 100 बालिकाओं का चयन न्याय पंचायत, नगर पंचायत, विकास खंड, नगरपालिका और जिला स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न बैट्री टेस्टों तथा खेल कौशल परीक्षण के माध्यम से मैरिट के आधार पर किया जाएगा।उदयीमान उन्नयन योजना की चयन प्रक्रिया के तहत प्रत्येक विद्यालय द्वारा स्वयं अपने स्तर से प्रत्येक आयु वर्ग में दो बालक और दो बालिकाओं का चयन कर न्याय पंचायत स्तर के ट्रायल के लिए भेजा जाएगा न्याय पंचायत और नगर पंचायत स्तर पर चयनित प्रतिभागी विकास खंड स्तर पर प्रतिभाग करेंगे, जहाँ से प्रत्येक आयु वर्ग में 10-10 बालक-बालिकाएं जिला स्तरीय ट्रायल के लिए चुने जाएंगी। इसी तरह नगरपालिका स्तर से प्रत्येक आयु वर्ग में 5-5 खिलाड़ियों का चयन जिला स्तर के लिए होगा। इस प्रकार जिला स्तर पर चारों ब्लॉकों और नगरपालिकाओं से कुल 660 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिनमें से अंतिम रूप से 300 खिलाड़ियों का चयन छात्रवृत्ति के लिए किया जाएगा। प्रोत्साहन कार्यक्रम हेतु प्रथम चयन ट्रायल नगर पालिका तथा विकास खंड स्तर पर किया जाएगा, नगर पालिका से प्रत्येक खेल में 02 बालिकाओं तथा 03 बालकों कुल 05 प्रतिभागियों का चयन कर जिला स्तर के लिए भेजा जायेगा तथा विकास खंड स्तर से प्रत्येक खेल में 05 बालक 05 बालिकाओं कुल 10 प्रतिभागियों को जिला स्तर में प्रतिभाग करने हेतु भेजा जाएगा संपूर्ण चयन प्रक्रिया को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा विभिन्न स्तरों पर नोडल अधिकारियों और व्यायाम प्रशिक्षकों की तैनाती की जाएगी।बैठक में अपर जिलाधिकारी ने प्रतियोगिता के सफल और सुरक्षित आयोजन के लिए जिला क्रीड़ा अधिकारी को ट्रायल स्थलों पर स्वास्थ्य, पुलिस के जवानों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बच्चों के लिए साफ पेयजल की उपलब्धता के लिए जल संस्थान को टैंकरों की व्यवस्था करने तथा ताजे व पौष्टिक भोजन के लिए पूर्ति विभाग को निर्देशित किया गया। उन्होंने सभी कार्यक्रम स्थलों पर अनिवार्य रूप से शौचालय की समुचित व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।जिला क्रीड़ा अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए खिलाड़ी का उत्तराखंड का मूल निवासी होना अनिवार्य है और आवेदन के समय उसे बैंक पासबुक, आधार कार्ड, स्थाई निवास प्रमाण पत्र, जन्म प्रमाण पत्र अथवा हाईस्कूल की मार्कशीट की फोटोकॉपी तथा दो पासपोर्ट साइज फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज मूल रूप में प्रस्तुत करने होंगे। सरकारी खेल छात्रावासों, स्पोर्ट्स कॉलेजों या किसी अन्य सरकारी खेल छात्रवृत्ति का लाभ ले रहे खिलाड़ी इस ट्रायल में भाग लेने के पात्र नहीं होंगे। खिलाड़ियों का मूल्यांकन 30 मीटर फ्लाइंग, वर्टिकल जंप, मेडिसिन बॉल थ्रो, शटल रन और 800 मीटर दौड़ जैसे मोटर क्षमता परीक्षणों के साथ-साथ खेल विशिष्ट कौशल परीक्षण के आधार पर किया जाएगा। कुल 30 अंकों के इस टेस्ट में उत्तीर्ण होने के लिए खिलाड़ियों को न्यूनतम 10 अंक प्राप्त करना अनिवार्य होगा और अत्यधिक भीड़ होने की स्थिति में प्रारंभिक तौर पर तीन मुख्य टेस्ट ही आयोजित किए जाएंगे। यह चयन प्रक्रिया एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, जूडो, कराटे, बैडमिंटन, ताईक्वांडो, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, हॉकी, टेबल टेनिस और कबड्डी जैसे कुल 12 प्रमुख खेलों के लिए आयोजित की जा रही है। अपर जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय और पूरी निष्ठा से कार्य करने के निर्देश दिए ताकि नौनिहालों को खेल के क्षेत्र में एक बेहतर और सुरक्षित भविष्य मिल सके।बैठक में मुख्य शिक्षा अधिकारी श्री मान सिंह, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी श्री दीप्त कीर्ति तिवारी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी, एसडीओ जल संस्थान श्री पवन बिष्ट, विभिन्न खेल प्रशिक्षक, पूर्ति विभाग, पुलिस विभाग के अधिकारी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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