*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीण आर्थिकी को नई उड़ान:

चम्पावत,

*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में ग्रामीण आर्थिकी को नई उड़ान:

चंपावत में महिला और पुरुषों के सहयोग से सजा ‘फूड वैन’ कारोबार*मा. मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के दूरदर्शी एवं सशक्त नेतृत्व में उत्तराखंड सरकार राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबन और सशक्त बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। इसी कड़ी में, ग्रामोत्थान परियोजना के सहयोग से जनपद चंपावत के विकासखंड पाटी के रौलमेल क्षेत्र में ‘सरस्वती स्वयं सहायता समूह’ द्वारा अपनी मेहनत और सरकारी योजनाओं के समन्वय से एक प्रेरणादायक उद्यम की शुरुआत की है। इस कार्य में महिलाओं के साथ-साथ पुरुषों द्वारा भी पूरा सहयोग और सहभागिता प्रदान की जा रही है, जिससे इस उद्यम को आगे बढ़ाने में बड़ी मदद मिली है। समूह की महिलाओं और स्थानीय पुरुषों के संयुक्त प्रयासों से लगभग 10 लाख रुपये की कुल लागत से आधुनिक फूड वैन उद्यम स्थापित किया गया है, जिससे वे अब घर-परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने के साथ-साथ आत्मनिर्भरता की एक नई मिसाल पेश कर रहे हैं।इस उद्यम की वित्तीय संरचना में ग्रामोत्थान परियोजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, जिसके तहत समूह को 06 लाख रुपये का सहयोग प्राप्त हुआ है। इसके अतिरिक्त, इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए 3 लाख रुपये का बैंक ऋण लिया गया है तथा 01 लाख रुपये का अंशदान स्वयं सहायता समूह द्वारा खुद लगाया गया है। इस वित्तीय सहयोग, पुरुषों के सक्रिय समर्थन और महिलाओं के दृढ़ संकल्प के मेल से यह फूड वैन उद्यम सफलतापूर्वक स्थापित होकर संचालित किया जा रहा है। यह मोबाइल फूड वैन क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर घूमकर लोगों को स्वादिष्ट फास्ट फूड सुलभ करा रही है, जिसे स्थानीय स्तर पर बेहद पसंद किया जा रहा है। इस अभिनव पहल से न केवल आसपास के लोगों को मनपसंद व्यंजन मिल रहे हैं, बल्कि समूह से जुड़ी महिलाओं और उनके परिवारों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति काफी बेहतर हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण आर्थिकी को मजबूत करना है और यह फूड वैन उद्यम इस बात का जीवंत उदाहरण है कि सरकारी योजनाओं, सामूहिक सहयोग और स्वरोजगार के बलबूते ग्रामीण क्षेत्र आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

kamal bhandari editor in chief.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *