औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा मेडिकल प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण कर लिए गए दवाओं के नमूने*

चंपावत

अपर आयुक्त एवं उप औषधि नियंत्रक, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, देहरादून के आदेशों के क्रम में तथा जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार के निर्देशानुसार, जनपद चंपावत के लोहाघाट ब्लॉक में औषधि नियंत्रण विभाग द्वारा नकली (स्पूरियस) दवाओं की रोकथाम हेतु एक विशेष जांच अभियान चलाया गया। औषधि निरीक्षक हर्षिता के नेतृत्व में संचालित इस अभियान के अंतर्गत क्षेत्र के एक थोक तथा चार खुदरा मेडिकल प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान विभागीय टीम द्वारा औषधियों के क्रय-विक्रय रिकॉर्ड, ड्रग लाइसेंस की वैधता, दवाइयों के सुरक्षित भंडारण की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता तथा मनःप्रभावी (नार्कोटिक्स) औषधियों से संबंधित रजिस्टरों की गहनता से जांच की गई। सभी खुदरा प्रतिष्ठानों पर दवाओं की बिक्री पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनिवार्य उपस्थिति पाई गई। जांच के दौरान सभी मेडिकल स्वामियों को भारत सरकार के ‘मानस पोर्टल’ के व्यापक प्रचार-प्रसार तथा टोल-फ्री नंबर 1933 के संबंध में जागरूक किया गया, साथ ही उन्हें ड्रग लाइसेंस की सभी शर्तों का कड़ाई से अनुपालन करने के निर्देश दिए गए।औषधि निरीक्षक हर्षिता ने बताया कि जन-सुरक्षा के दृष्टिगत, संदेह के आधार पर विभिन्न औषधियों के कुल 07 नमूने संग्रहित किए गए हैं, जिन्हें परीक्षण हेतु औषधि विश्लेषण शाखा को प्रेषित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई भी संचालक औषधि नियमों का उल्लंघन करता हुआ पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन अधिनियम 1940 तथा नियमावली 1945 की सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने यह भी अवगत कराया कि मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जनपद में यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। इस निरीक्षण कार्रवाई के दौरान विभाग के सहायक दिनेश फर्त्याल भी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

kamal bhandari editor in chief ।

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