चंपावत | जनपद चंपावत में बच्चों को स्वच्छता और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से “डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया स्वच्छता शिक्षा कार्यक्रम” बड़े स्तर पर संचालित किया जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन, जिला प्रशासन के सहयोग तथा शिक्षा विभाग के सौजन्य से चल रहे इस अभियान के तहत जिले के 100 विद्यालयों को शामिल किया गया है, जिसमें चंपावत क्षेत्र के 75 और लोहाघाट क्षेत्र के 25 विद्यालय सम्मिलित हैं।
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों को व्यक्तिगत स्वच्छता, घर की साफ-सफाई, विद्यालय में स्वच्छ वातावरण, बीमारी के दौरान अपनाई जाने वाली सफाई और आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने की विस्तृत जानकारी दी जा रही है। बच्चों को व्यवहारिक तरीके से स्वच्छता के महत्व को समझाया जा रहा है, ताकि वे स्वस्थ आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना सकें।
कार्यक्रम के अंतर्गत reckitt.com� के सौजन्य से विद्यालयों में स्वच्छता संबंधी किट भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन किटों के माध्यम से बच्चों को साफ-सफाई के सही तरीकों की जानकारी दी जा रही है, जिससे वे न केवल स्वयं जागरूक बन रहे हैं बल्कि अपने परिवार और समाज में भी स्वच्छता का संदेश पहुंचा रहे हैं।
विशेष बात यह है कि अब बच्चे “स्वच्छता दूत” बनकर अपने घरों में स्वस्थ आदतों को अपनाने के लिए परिवार को प्रेरित कर रहे हैं और समुदाय में परिवर्तन अभिकर्ता (Change Agent) की भूमिका निभा रहे हैं। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन की सफलता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
“स्वच्छ बच्चे, स्वस्थ भविष्य” : चंपावत के 100 स्कूलों में डेटॉल अभियान से जागरूकता की नई शुरुआत
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की इस संयुक्त पहल को अभिभावकों और शिक्षकों द्वारा भी सराहा जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह अभियान आने वाले समय में स्वच्छ और स्वस्थ समाज की मजबूत नींव साबित होगा।
“डेटॉल बनेगा स्वस्थ इंडिया” अभियान से चंपावत में स्वच्छता की नई अलख, 100 विद्यालयों में बच्चों को मिल रही स्वास्थ्य और सफाई की सीख

